मोदी के नेतृत्व में अब सशक्त भारत का निर्माण
रांची। प्रदेश भाजपा ने 2004-14 के दौरान देश की इकोनॉमी को खोखला करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया। प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि 2004-14 के दरम्यान देश में कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए की सरकार रही। इस दौरान सोनिया गांधी सुपर पीएम रहीं और देश की इकोनॉमी को खोखला कर दिया गया। 2 जी, कॉमनवेल्थ गेम्स, कैश फॉर वोट, लैंड स्कैम, शारदा चिट फंड घोटाला जैसे घोटालों की लंबी फेहरिस्त सामने आयी। संसाधनों की लूट हुई। तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने इस पर आंखें बंद रखीं। जब मोदी जी ने 2014 में देश की सत्ता संभाली, उस समय जर्जर इकोनॉमी व्यवस्था के साथ देश मिला। सरकार उसी समय चाहती तो श्वेत पत्र ला सकती थी, पर इससे देश का आर्थिक खोखलापन देश के सामने जाहिर होता। अब 10 सालों बाद 2024 में केंद्र के स्तर से श्वेत पत्र लाया गया है, जिससे पता लगता है कि देश सुरक्षित हाथों में है। अर्थव्यवस्था का कायापलट हुआ है। देश की इकोनॉमी बेहतर और तेजी से गतिशील हुई है। मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष दीपक बंका, प्रदेश प्रवक्ता अनिमेष कुमार, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।
आज देश में बन रहे बड़े ब्रांड के प्रोडक्ट
प्रदीप वर्मा ने 2004-14 और 2014-24 के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में आये बदलावों का उल्लेख किया। बताया कि 2004 तक जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, उस समय बैंकों में एनपीए का अनुपात 7.8 प्रतिशत था, जो अगले दस वर्षों में मनमोहन सरकार में 16 फीसदी तक हो गया। 2014 में जब मोदीजी की सरकार आयी थी, तो एनपीए डबल डिजीट 12.50 प्रतिशत था। अब औसतन सभी बैंकों में 2 से 4 प्रतिशत के बीच हो चुका है। मोदी सरकार में अर्थनीति को गति देने को कई फैसले लिए गये, जिससे जीडीपी में वृद्धि हुई। शौचालय-आवास निर्माण जैसी योजनाएं भी इसमें सहायक साबित हुईं। लोगों को रोजगार भी इससे मिला, बीमारियां कम हुईं। आयुष्मान कार्ड स्कीम से प्राइवेट हेल्थ सेक्टर को भी लाभ हुआ। पहले 2 जी घोटाले हुए, नेटवर्क की भी समस्या रही। आज 4 जी सेवाओं के चलते छोटे शहरों में भी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के लिए काम का अवसर बना है। दुनिया में हम सबसे तेजी से 5 जी नेटवर्क पर काम करने वाले देशों में हैं।
अर्थव्यवस्था ठहर सी गयी थी
प्रदीप वर्मा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय अर्थव्यवस्था ठहर गयी थी। मुद्रास्फीति दोहरे अंकों तक पहुंच गयी थी, जो आज 5 प्रतिशत के आसपास है। आज जीएसटी व्यवस्था के चलते डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन है और किसी भी सरकारी योजना के लिए पैसे की कमी नहीं है। प्रदीप वर्मा ने देश में रेल सेवाओं के विस्तार, रेल एक्सीडेंट में कमी, शत-प्रतिशत गांवों के विद्युतीकरण होने, मोबाइल ब्रॉडबैंड, स्वास्थ्य सेवाओं सहित दूसरे सेक्टर में मोदी सरकार में मिली उपलब्धियों का ब्योरा भी पेश किया।