रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अमानवीय तरीके से तहखाने में रखने का आरोप इडी पर लगाया है। सोमवार को झामुमो के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जहां हेमंत सोरेन को रखा गया है, वहां हवा और रोशनी नहीं आती। यह अमानवीयता है। पहली बार ऐसा हुआ होगा कि लगातार 13 दिनों का रिमांड दिया गया है। इससे बेहतर होता कि एक बार 14 दिनों का रिमांड इडी मांग लेती। इडी अब मीडिया ट्रायल करा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे नेता के खिलाफ बड़ी साजिश की गयी। 15 फरवरी से पंचायत स्तर पर इसका विरोध आरंभ होगा। यह तबतक चलेगा, जबतक हेमंत सोरेन के विरुद्ध साजिश की असलियत सामने नहीं आ जाती। इनका काम है कि राजनीतिक विरोधियों को तंग करो। हेमंत सोरेन ने अपने काम से जो लंबी लकीर खींची है, उसे ये मिटा नहीं सकेंगे। यही वजह है कि वे कुचक्र रच रहे हैं। मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी रफ्तार पकड़ी है।
बिहार में नीतीश सरकार के बहुमत साबित करना लोकतंत्र का काला अध्याय
सुप्रियो ने कहा कि हम बिहार के लोग नहीं हैं। विरोधियों के सारे मंसूबे को परास्त करेंगे। मंत्रिमंडल विस्तार में झामुमो कोटे से संभावित नाम पर उन्होंने कहा कि इस पर विमर्श हुआ है। हेमंत सोरेन ने भी सलाह दी है। मंत्रिमंडल का नाम तय करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। सुप्रियो ने बिहार में नीतीश सरकार के बहुमत साबित करने को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि सदन के संरक्षक ने गरिमा धूमिल की। नीतीश कुमार को लेकर आइएनडीआइए में पहले से ही जानकारी थी। यही कारण रहा कि उन्हें संयोजक नहीं बनाया गया।