-राजद कार्यकर्ताओं ने फाड़े जदयू के पोस्टर
पटना। बिहार की सियासत इन दिनों गरमाई हुई है। राजद कार्यकर्ताओं पर जदयू के लगे पोस्टर को फाड़ने का आरोप लगा है। दरअसल, तेजस्वी की जनविश्वास यात्रा आज मधेपुरा पहुंचेगी। जदयू के महासचिव निखिल मंडल ने जदयू के बैनर और पोस्टर फाड़ने के मामले में बिना नाम लिए राजद पर अपनी जमकर भड़ास निकाली हैं। इसको लेकर निखिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बड़ा बयान दिया।
निखिल ने घटना की निंदा करते हुए इस घटना को नफरत और द्वेष की राजनीति से प्रेरित बताया। साथ ही कहा कि ऐसे हथकंडों से हम रुकने वाले नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि पोस्टर सभी दल के लोग लगाते हैं लेकिन हमारा संस्कार नहीं कि दूसरे दल के पोस्टर को नुकसान पहुंचाए। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने की आजादी है। तेजस्वी यादव मधेपुरा आ रहे है, तो क्या ये निर्देश दिया गया है कि निखिल मंडल द्वारा लगाए हुए पोस्टर दिखना नहीं चाहिए।
निखिल ने कहा कि ऐसे कृत्य करने के बाद बोलेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है, संविधान खतरे में है। रात के 12 बजे चुपके से ऐसी हरकत, ये तो घबराहट का प्रतीक है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि बाइक सवार एक युवक आ रहा है और निखिल मंडल के द्वारा लगाए गए पोस्टर को फाड़ रहा है। निखिल मंडल ने यह पोस्टर सीएम नीतीश की तस्वीर के साथ उनकी उपलब्धि को गिनाते हुए लगाए थे, जिसमें सीएम की तस्वीर के साथ लिखा था, नौकरी-रोजगार का मतलब नीतीश सरकार।
उल्लेखनीय है कि महागठबंधन से अलग होने के बाद चाचा-भतीजा आमने-सामने आ गए हैं और 17 महीने के गठबंधन में चली उपलब्धियों का श्रेय लेने के होड़ में लगे हुए हैं। तेजस्वी यादव जनता के बीच जाकर अपने 17 महीने में किए गए कामों की चर्चा कर रहे हैं। दूसरी ओर, जदयू के द्वारा पोस्टर लगाकर सभी कामों का श्रेय केवल सीएम नीतीश को दिया जा रहा है। जदयू का कहना है कि नौकरी, रोजगार मतलब नीतीश कुमार जबकि राजद नौकरी, रोजगार का मतलब तेजस्वी यादव को बता रहे हैं।