झामुमो ने फिर इसी और इडी की नियत पर उठाये सवाल, घूसखोर-बैलेट चोर भाजपा का नया नाम
कहा-भाजपा के खाते में आये 6500 करोड़ काले धन पर इसी और इडी ने क्या उठाया कदम
रांची। झामुमो ने सुप्रीम कोर्ट के दो अहम निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि अब भाजपा का नया नामकरण हुआ है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने केवल लोकतंत्र को बचाने का काम नहीं किया, बल्कि भाजपा के लोकतंत्र और तानाशाही रवैया का पर्दाफाश कर दिया है। चंढ़ीगड़ मेयर चुनाव एक छोटा चुनाव नहीं था। यह चुनाव एनडीए के खिलाफ पहला दो अहम विपक्षी दलों का ज्वाइंट इलेक्शन था, जिसे भाजपा ने बैलेट की चोरी के जरिए अनैतिक तरीके से जीतने का प्रयास किया था। इस अनैतिक काम में भाजपा मुख्य रूप से अहम भूमिका में थी, वहीं मसीह नहीं मोदी पर्दे के पीछे से थे। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भाजपा का अब नया नाम घूसखोर-बैलेट चोर हो गया है। उक्त बातें पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहीं।
इलेक्शन कमीशन के समक्ष कई सवाल, जिसे उसे स्पष्ट करना चाहिए
सुप्रियो भट्टाचार्य ने इलेक्ट्रोल बांड पर इलेक्शन कमीशन और इडी की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इन्हें यह बताना चाहिए कि काले धन के जरिए भाजपा के खाते में आये 6500 करोड़ रुपये पर इलेक्शन कमीशन और इडी ने क्या कदम उठाये। यह देश की जनता जानना चाहती है। यह देश के सामने भी स्पष्ट हो गया, ये दोनों एजेसियां कैसे और किसके इशारे पर काम कर रही हैं। इलेक्शन कमीशन ने पीएम मोदी के चुनाव के पूर्व चुनाव रिजल्ट का दावा करनेवाले बयान पर क्या एक्शन लिया। पटना में राजनीतिक दलों की मीटिंग के बाद पत्रकारों का वीवीपैड वोट को लेकर उठाये गये सवालों पर सही-सही जवाब क्योंं नहीं दे पाये। लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी की लैंडिंग और फिर उड़ान भरने के दौरान आधा घंटा पहले और बाद में नो फ्लाईंग जोन घोषित करने पर क्या इलेक्शन कमीशन ने एक्शन लिया। क्या इस दौरान अगर उसी शहर या क्षेत्र में विपक्षी नेताओं को चुनावी सभा करनी है, तो उसे अनुमति नहीं मिलेगी। यह सारे सवाल इलेक्शन कमीशन के साख से जुड़ा है, जिस पर इलेक्शन कमीशन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
क्या इस देश में पगड़ी और टोपी पहनना गुनाह है
सुप्रियो भट्टाचार्य ने बंगाल में भाजपा नेता के द्वारा एक सिख आइपीएस अधिकारी का पगड़ी पहने रहने के कारण उन्हें खालिस्तानी करार देने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंंने कहा कि क्या इस देश में पगड़ी पहनने से कोई खलिस्तानी हो जाता है, टोपी पहनने से वह पाकिस्तानी हो जाता है। क्या इस देश में पगड़ी और टोपी पहनना गुनाह है। भाजपा देश में अजीब हालात पैदा कर रही है।
बदले राजनीतिक हालात के बीच झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक 22 फरवरी को
पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के जेल जाने और राज्य में बदले राजनीतिक हालात के बीच झामुमो केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक 22 फरवरी को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर होगी। यह जानकारी देते हुए पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि यह बैठक कई मायने में अहम होगी। हम लोग जल्द से जल्द अपने नेता हेमंत सोरेन को अपने बीच देखना चाहते हैं। पार्टी द्वारा जो कार्यक्रम-आंदोलन अभी चल रहा है, वह जारी रहेगा। आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जायेगी। इसके साथ ही गठबंधन को लेकर दिल्ली में हुई चर्चा, लोकसभा चुनाव की तैयारी, सांगठनिक मजबूती, तैयारी, सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले बजट और कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।