Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Sunday, May 24
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»बिजनेस»भारी उद्योग मंत्रालय ने रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए
    बिजनेस

    भारी उद्योग मंत्रालय ने रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए

    shivam kumarBy shivam kumarFebruary 18, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने देश के उन्नत बैटरी विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़े कदम के रूप में उन्नत रसायन सेल (एसीसी) को लेकर उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड (रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी) के साथ एक कार्यक्रम समझौते पर हस्ताक्षर किए। सोमवार को हुआ यह समझौता एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक निविदा प्रक्रिया के बाद रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड को 10 गीगावाट घंटा एसीसी क्षमता प्रदान करता है और इसे भारत की 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई एसीसी योजना के तहत प्रोत्साहन प्राप्त करने योग्य बनाता है।

    यह समझौता मई 2021 में मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत “उन्नत रसायन सेल बैटरी स्टोरेज पर राष्ट्रीय कार्यक्रम” पर प्रौद्योगिकी पीएलआई योजना के कार्यान्वयन में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसका कुल परिव्यय 18,100 करोड़ रुपये है, जिसका उद्देश्य 50 गीगावाट घंटा की कुल विनिर्माण क्षमता हासिल करना है। इस हस्ताक्षर के साथ, 50 गीगावाट घंटा क्षमता में से चार चयनित लाभार्थी फर्मों को 40 गीगावाट घंटा की संचयी क्षमता प्रदान की गई है। मार्च 2022 में आयोजित निविदा के पहले दौर में, तीन लाभार्थी फर्मों को कुल 30 गीगावाट घंटा क्षमता आवंटित की गई थी, और उस दौर के लिए कार्यक्रम समझौतों पर जुलाई 2022 में हस्ताक्षर किए गए थे।

    भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने समारोह के दौरान इस बात पर जोर दिया कि पीएलआई एसीसी योजना स्थानीय मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि भारत में बैटरी निर्माण की लागत वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनी रहे। यह योजना लाभार्थी फर्म को अत्याधुनिक एसीसी विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना के लिए बेहतर तकनीक और संबंधित निवेश अपनाने की सुविधा देती है, जिससे मुख्य रूप से ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों को सहारा मिलता है।

    पीएलआई एसीसी योजना के साथ-साथ वित्त वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में घरेलू बैटरी निर्माण में तेजी लाने और देश में ई-मोबिलिटी प्रणाली के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई परिवर्तनकारी उपाय पेश किए गए। उल्लेखनीय रूप से बजट ने ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं को मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) से छूट दी, जो देश में लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई एक लक्षित पहल है। इसके अलावा घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने पर इसका जोर एक मजबूत, आत्मनिर्भर उन्नत बैटरी प्रणाली तंत्र स्थापित करने के दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    भारी उद्योग मंत्रालय नवाचार के लिए अनुकूल माहौल बनाने, मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये सभी सतत विकास और आत्मनिर्भरता के लिए भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण तत्व हैं। भारत सरकार की इस पहल ने भारतीय सेल निर्माताओं के लिए सेल विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए उत्प्रेरक का काम किया है। पीएलआई लाभार्थी के अलावा 10+ कंपनियों ने पहले ही 100+ गीगावॉट घंटे की अतिरिक्त क्षमता स्थापित करनी शुरू कर दी है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleमैट्रिक की परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में 5 वीडियोग्राफर पकड़े गए
    Next Article भारत-कतर की भावी साझेदारी स्थिरता, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और ऊर्जा के आधार पर बरकरार रहेगी : पीयूष गोयल
    shivam kumar

      Related Posts

      महंगाई का झटका: पेट्रोल-डीजल और CNG फिर हुए महंगे, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम; जानें नई दरें

      May 23, 2026

      सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ओएफएस खुला

      May 22, 2026

      हरे निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 325 अंक उछला

      May 22, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • फलता उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, तृणमूल का ‘आखरी किला’ ढहा
      • गिरिडीह से 50 लाख रुपये के चांदी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
      • प्रधानमंत्री ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का लेख किया साझा, सिक्किम की सांस्कृतिक विरासत और विकास मॉडल को सराहा
      • तेज आंधी-तूफान से अररिया में भारी तबाही, कई जगह पेड़ गिरे, बिजली सेवा ठप
      • बॉक्सिंग की प्रैक्टिस कर रहे किशोर की मौत
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version