नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मंगलवार को मिले संकेत मिश्रित हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंदी दर्ज की, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। हालांकि, डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में आज मामूली तेजी देखी गई।
अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 0.85% और नैस्डैक 1.42% टूटे। यूरोपीय बाजार भी नकारात्मक रहे, जहां एफटीएसई, सीएसी और डीएएक्स सभी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। इन संकेतों के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखा गया।
एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से पांच लाल निशान में रहे। भारतीय बाजार के सूचकांक गिफ्ट निफ्टी में 0.43% की गिरावट देखी गई, जबकि जापान का निक्केई 0.52% टूटा। हांगकांग का हैंग सेंग और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट भी कमजोरी के साथ कारोबार करते रहे।
हालांकि, कुछ बाजारों ने मजबूती दिखाई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.06% की उल्लेखनीय बढ़त के साथ चमका। ताइवान का ताइवान वेटेड, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स और थाईलैंड का सेट कंपोजिट भी हरे निशान में बने रहे। विश्लेषकों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते बाजारों में अस्थिरता जारी रह सकती है। निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।



