कोलकाता: झारखंड और आसनसोल के बीच फैले बहुचर्चित कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार देर रात लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने दो प्रभावशाली कारोबारियों, चिन्मय मंडल और किरण खां को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पहली बार है जब इस बड़े तस्करी सिंडिकेट से जुड़े व्यवसायियों को सीधे तौर पर सलाखों के पीछे भेजा गया है।

जांच में क्यों हुई गिरफ्तारी? ईडी के सूत्रों ने बताया कि पिछले सप्ताह इन कारोबारियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच एजेंसी ने जब डिजिटल सबूतों और लेनदेन से जुड़े चैट रिकॉर्ड्स को सामने रखकर पूछताछ की, तो आरोपियों ने सहयोग करने के बजाय गुमराह करने की कोशिश की। संतोषजनक जवाब न मिलने और सबूतों को छिपाने के प्रयास के कारण ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

प्रोटेक्शन मनी और सिंडिकेट का कनेक्शन: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये दोनों कारोबारी कोयला सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य थे और अवैध कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के लिए ‘प्रोटेक्शन मनी’ के लेनदेन में मध्यस्थ की भूमिका निभाते थे। 3 फरवरी को रानीगंज और आसपास के इलाकों में हुई छापेमारी के बाद से ही इन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। आज दोनों को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी।

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