नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को महान क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती के कर्मठ सपूत वीर सावरकर के जीवन से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहने की प्रेरणा मिलती है।

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स संदेश में कहा कि सावरकर का साहस, संयम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव सदैव देशवासियों का पथप्रदर्शन करता रहेगा। उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक उद्धृत करते हुए कहा कि

“धीराः शोकं तरिष्यन्ति लभन्ते सिद्धिमुत्तमाम्।

धीरैः सम्प्राप्यते लक्ष्मीर्धैर्यं सर्वत्र साधनम्॥”

(अर्थ)

धैर्यवान व्यक्ति शोक और कठिनाइयों को पार कर लेता है और उत्तम सिद्धि प्राप्त करता है। धैर्य के माध्यम से ही समृद्धि (लक्ष्मी) प्राप्त होती है। अर्थात् धैर्य हर स्थान और हर कार्य में सफलता का प्रमुख साधन है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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