पटना। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर पूरे कैंपस में सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनावी बिगुल बजने के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर का माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंग गया है। आज यानी मतदान से ठीक पहले प्रचार अभियान का अंतिम दिन है, ऐसे में सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से लेकर अब तक चले सघन प्रचार अभियान के दौरान कैंपस में जगह-जगह पोस्टर, बैनर और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। उम्मीदवार व्यक्तिगत संपर्क साधने और अपने विस्तृत घोषणापत्रों के माध्यम से छात्रों को आकर्षित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं, ताकि अंतिम समय में अधिकतम वोट सुनिश्चित किए जा सकें।
छात्रों के मुद्दे बने चुनावी एजेंडा
इस चुनाव में छात्रों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों ने केंद्र स्थान ग्रहण किया है, जिन पर उम्मीदवारों के बीच जमकर बहस हुई है। कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, लाइब्रेरी सुविधाओं का विस्तार करना, छात्रावासों की बदहाली को दूर करना और छात्रों के लिए अधिक से अधिक रोजगारपरक गतिविधियों का सृजन करना जैसे विषय प्रचार के दौरान प्रमुखता से उठाए गए।
छात्रा सुरक्षा को लेकर भी सभी प्रत्याशी गंभीर नजर आ रहे हैं। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने और महिला हेल्प डेस्क स्थापित करने का वादा कई उम्मीदवार कर रहे हैं। वहीं लाइब्रेरी के विस्तार और नई किताबों की खरीद का मुद्दा भी जोरों पर है।
अंतिम दिन डोर-टू-डोर प्रचार पर जोर
आज प्रचार के अंतिम दिन होने के चलते उम्मीदवार अब बड़े आयोजनों के बजाय डोर-टू-डोर कैंपेनिंग और व्यक्तिगत संपर्क पर विशेष जोर दे रहे हैं। सुबह से ही छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ हॉस्टल, विभागों और लाइब्रेरी के बाहर नजर आ रहे हैं। उनका यह प्रयास है कि वे अपनी बातों और भविष्य के वादों को सीधे छात्रों तक पहुंचाकर उनका विश्वास जीत सकें और उन्हें अपने पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित कर सकें।
इस बीच प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी पूरी कर ली है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। प्रचार का शोर थमते ही अब सबकी निगाहें मतदान के दिन पर टिकी होंगी, जहां छात्र अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर अपना प्रतिनिधि चुनेंगे। पटना यूनिवर्सिटी का यह छात्र संघ चुनाव न सिर्फ कैंपस की राजनीति के लिए बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है।

