अररिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में घुसपैठ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। ऐसे में घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों को चिह्नित कर ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अररिया के सिकटी स्थित लेटी में एसएसबी की 52वीं वाहिनी के प्रशासनिक एवं आवासीय भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सीमांचल क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने इस मुद्दे की जांच कराने की बात कही और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को घुसपैठ व तस्करी रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
दौरे के दौरान गृह मंत्री सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में सीमा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेजेस कार्यक्रम’ के क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी।
गृह मंत्री सीमांचल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने किशनगंज में रात्रि विश्राम किया। गुरुवार सुबह अररिया रवाना होने से पहले उन्होंने स्थानीय हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर के बाहर मौजूद लोगों ने जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाए। शुक्रवार को उनका कार्यक्रम पूर्णिया में निर्धारित है, जहां वे विभिन्न प्रशासनिक बैठकों और जनसभाओं में हिस्सा लेंगे।

