4एसटी, एससी और ओबीसी को मिलेगा 7.5 लाख तक लोन
4विकास आयुक्त ने की बैठक, अधिकारियों को दिये निर्देश
रांची। विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा है कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए 7.5 लाख रुपये से ऊपर के शिक्षा ऋण की गारंटी की व्यवस्था इसी एकेडमिक सत्र से करेगी। खरे ने कहा कि वर्तमान में बैंकों द्वारा शिक्षा के लिए 7.5 लाख तक बिना किसी बंधक के शिक्षा ऋण दिया जाता है, किंतु 7.5 लाख से ऊपर के ऋण पर गारंटी की व्यवस्था है। वह सोमवार को पदाधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बंधक की व्यवस्था के कारण अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को ऋण लेने में कठिनाई होती है। इसी कठिनाई को दूर करने के लिए आगामी बजट में झारखंड शिक्षा ऋण गारंटी योजना का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत 7.5 लाख से अधिक की ऋण राशि पर राज्य सरकार द्वारा गारंटी दी जायेगी। एसएलबीसी द्वारा शिक्षा ऋण का एक पोर्टल बनाया जायेगा: खरे ने कहा कि एसएलबीसी द्वारा शिक्षा ऋण का एक पोर्टल बनाया जायेगा। सभी आवेदन इस पोर्टल पर रखे जायेंगा तथा पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह शिक्षा ऋण की समीक्षा की जायेगी। शिक्षा ऋण की पात्रता के लिए शिक्षण संस्थानों की सूची भी बनायी जायेगी, जिसमें सभी प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ सभी केंद्रीय संस्थान सम्मिलित होंगे। साथ ही, राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त संस्थान भी सम्मिलित होंगे।
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ: उन्होंने कहा कि इससे जरूरतमंद छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें 7.5 लाख रुपये से कम का ऋण लेना है, उन्हें वर्तमान में बैंकों द्वारा लागू योजना के अंतर्गत ही बिना गारंटी के ऋण-सुविधा मिलेगा। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के वैसे छात्र-छात्राएं जिन्हें 7.5 लाख से अधिक की राशि ऋण स्वरूप लेना है, उन पर झारखंड शिक्षा ऋण गारंटी योजना लागू की जायेगी।