एजेंसी
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के 50वें स्थापना समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के पास जंग लड़ने की क्षमता नहीं। इसलिए वह आये दिन घुसपैठ कराता है। भारत में ही अलग-अलग साजिशों को पनाह मिलती है। आतंक के घिनौने रुप के बीच देश की और देश के संसाधनों की सुरक्षा एक चुनौती है। पुलवामा और उड़ी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत हो चुका, हम अनंतकाल तक पीड़ित नहीं रह सकते हैं।
मोदी ने समारोह में परेड की सलामी ली और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 50 साल तक इस संगठन को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले सैनिक बधाई के पात्र हैं। स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने में सीआइएसएफ एक महत्वपूर्ण इकाई है। सीआइएसएफ एक ऐसा संगठन है जो 30 लाख नागरिकों की सुरक्षा में तैनात है। यह काम किसी वीआइपी को सुरक्षा देने से कई गुना बड़ा है। ये उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण बन जाती है कि जब पड़ोसी मुल्क की युद्ध लड़ने तक की क्षमता न हो।
न आता तो बहुत कुछ गंवा देता : मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आज इस कार्यक्रम में शामिल न होता तो, मैं बहुत कुछ गंवा देता। सुरक्षा में लगे जवानों को सहयोग देना चाहिए। वीआइपी कल्चर सुरक्षा में कभी-कभी संकट खड़ा कर देता है। सुरक्षा में नागरिकों को भी सहयोग करना जरूरी है। एयरपोर्ट और मेट्रो में सुरक्षा सीआइएसएफ के समर्पण से ही संभव हो पायी है। मुझे भी अनेक बार मेट्रो में सफर करने का मौका मिला। मैंने देखा है कि आप घंटों तक मेहनत करते हैं।
आपका योगदान हमेशा से सराहनीय
मोदी ने कहा कि हमारे सुरक्षाकर्मी का परिवार भी तो बाकी लोगों की तरह ही होता है। उसके भी सपने हैं, आकाक्षाएं हैं। लेकिन देश की रक्षा का भाव जब मन में आ जाता है तो वो हर मुश्किल पर जीत हासिल कर लेता है। आपदाओं की स्थिति में आपका योगदान हमेशा से सराहनीय रहा है। केरल में आई भीषण बाढ़ में सीआइएसएफ ने राहत और बचाव के काम में दिन-रात एक कर हजारों लोगों की जिंदगी बचाने में मदद की।
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