रांची। एक ओर सीट शेयरिंग को लेकर पेंच है, हालांकि इसके बीच में ही महागठबंधन के स्वरूप को फाइनल रूप दिया जा रहा है। नया पेंच यह है कि बाबूलाल मरांडी ने आरपीएन सिंह के साथ मुलाकात के दौरान चतरा सीट पर भी दावा ठोंक दिया है। पहले से ही झाविमो गोड्डा की डिमांड कर रहा है। गोड्डा में कांग्रेस के फुरकान अंसारी सांसद रह चुके हैं। इस कारण भी मामला फंस रहा है। वैसे यह कहा जा रहा है कि महागठबंधन का स्वरूप फाइनल हो गया है। होली के बाद शिबू सोरेन रांची में इसके स्वरूप की घोषणा करेंगे। दूसरी ओर महागठबंधन में एक भी मुसलिम प्रत्याशी नहीं होने के कारण झारखंड में कांग्रेस की चिंता बढ़ गयी है। कांग्रेस की चिंता यह है कि मुसलिम प्रत्याशी नहीं होने पर मुसलिम वोटरों का उत्साह ठंडा पड़ सकता है।
झारखंड के कांग्रेसी मुसलिम नेताओं की चिंता यह है कि महागठबंधन का कोई भी सहयोगी कम से कम मुसलिम उम्मीदवार जरूर दे, इसका मंथन भी चल रहा है। कांग्रेस को चिंता यह है कि मुसलिम वोटरों का उत्साह ठंडा पड़ गया, तो उसकी राह और मुश्किल हो जायेगी। वहीं चतरा सीट को राजद और उम्मीदवार के तौर पर सुभाष यादव का नाम सामने आ रहा है। इसे लेकर भी महागठबंधन में खलबली है। सुभाष की शिकायत भी राहुल दरबार तक पहुंचा दी गयी है। कहा गया है कि सुभाष यादव थैलीशाह हैं। पैसे के बल पर चतरा सीट लेना चाहते हैं। सुभाष के उम्मीदवार बनाये जाने से महागठबंधन को परेशानी हो सकती है। वैसे भी चतरा से बाहरी उम्मीदवार को लड़ाया जाता रहा है, ऐसे में किस मुंह से वोट मांगने जायेंगे। इन तमाम चिंताओं और समीकरणों के बीच महागठबंधन के नेता स्वरूप को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। हालांकि इसमें फूंक-फूंक कर कदम भी उठाया जा रहा है। बताते चलें कि विगत चार महीने से महागठबंधन की गांठ खोलने की कवायद चल रही है, लेकिन अब तक यह गांठ नहीं खुली है। डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए आरपीएन सिंह और हेमंत सोरेन ने कहा कि सारा कुछ तय हो गया है। होली बाद इसकी घोषणा की जायेगी।
यहां यह भी बताना जरूरी है कि चाईबासा सीट इसलिए भी झामुमो चाहता है कि यहां संसदीय सीट में झामुमो के अधिकतर विधायक हैं। पिछले दिनों विधायक दीपक बिरुआ और शिशभूषण सामड़ ने चाईबासा सीट को लेकर मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद से पार्टी फूंक-फंूक कर कदम बढ़ा रही है। महागठबंधन के नेता इस बार छोटी-छोटी चीजों को भी ध्यान में रख रहे हैं, जिससे कि चुनाव में महागठबंधन को खामियाजा नहीं भुगतना पड़े। इधर, राहुल गांधी संग हेमंत सोरेन की मुलाकात में स्पष्ट कर दिया गया है चाईबासा से कांग्रेस ही चुनाव लड़ेगी। वहां से गीता कोड़ा प्रत्याशी होंगी। झामुमो चाहे तो जमशेदपुर या खूंटी से चुनाव लड़ सकता है। जमशेदपुर या खूंटी में से एक झामुमो को चुनना है।