नई दिल्ली : अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन्स (RCom) के दिवाला प्रक्रिया को एसबीआई बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। एकबार फिर उन्हें भाई का साथ मिला। बड़े भाई मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो आरकॉम के टॉवर और फाइबर बिजनस को खरीदेगी। इसके बदले कंपनी 4700 करोड़ देने को तैयार है। आरकॉम पर 82000 करोड़ का भारी कर्ज है।
एक तरफ विश्व के नौवें सबसे अमीर मुकेश अंबानी की संपत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ अनिल अंबानी लगातार गरीब हो रहे हैं। भले ही दोनों भाइयों का रास्ता 2008 में एक विवाद के साथ अलग-अलग हो गया था, लेकिन मां कोकिलाबेन अंबानी ने बंटवारे के जख्म पर लगातार मरहम लगाई। यही वजह है कि जब एरिक्शन मामले में अनिल अंबानी के जेल जाने की नौबत आ गई थी तब मुकेश अंबानी ने बड़े भाई के नाते 500 करोड़ जमा कर उन्हें जेल जाने से बचाया।
साल 2002, जब तक धीरूभाई अंबानी जिंदा थे दोनों भाइयों के बीच बेशुमार प्यार था। उसी साल दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कोई वसीयत नहीं लिखी थी। इसी के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हो गया। 2005 में मां कोकिलाबेन ने दोनों भाइयों का बंटवारा कर दिया। मुकेश अंबानी को ऑयल और केमिकल बिजनस दिया गया, जबकि छोटे बेटे अनिल अंबानी को प्रॉफिट मेकिंग टेलिकॉम और इलेक्ट्रिसिटी बिजनस दिया गया।