रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुरूवार को सिल्ली विधायक सुदेश महतो ने पारा शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाया और पूछा कि सरकार उन्हें नियमित करने की दिशा में क्या कार्रवाई कर रही है। क्या सरकार नियमावली बनने के बाद पारा शिक्षकों की मांग को पूरा करेगी। उन्होंने मंत्री जगरनाथ महतो से कहा कि मैं बस आपका आत्मविश्वास जगाना चाहता हूं। इसपर मंत्री जगरनाथ महतो ने सदन में कहा कि पूरा आत्मविश्वास है। यह हेमंत सोरेन की सरकार है और यह सरकार पिछली सरकार की तरह पारा शिक्षकों पर लाठी नहीं चलायेगी। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के नियमितीकरण के कई मामले कोर्ट में चल रहे हैं। सरकार भी इसपर नियमावली बना रही है। सरकार इसका समाधान निकालने की दिशा में तत्पर है। इसपर सुदेश महतो ने कहा कि मैं इस सवाल का कोई पॉलीटिकल जवाब नहीं चाहता।
पारा शिक्षकों के मसले पर गंभीर है सरकार
इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जवाब देने के लिए उठे और कहा कि हमने पहले भी सदन में कहा है कि सरकार इस मसले पर गंभीर है। इस मामले में सरकार प्रशासनिक सुधार आयोग बना रही है। पारा शिक्षकों के मामले में प्रशासनिक सुधार आयोग जो अनुशंसा करेगी उसके अनुरूप सरकार कार्रवाई करेगी। सरकार भी चाहती है कि पारा शिक्षक कार्यरत रहे क्योंकि सरकार को भी शिक्षकों की आवश्यकता है। इसपर सीपी सिंह बोलने को उठे और कहा कि सरकार इस सवाल का जवाब लंबा-लंबा दे रही है, साफ-साफ क्यों नहीं कहती कि पारा शिक्षकों का नियमितीकरण कब तक करेगी। इसपर हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार प्रशासनिक सुधार आयोग बना रही है और आयोग की अनुशंसा पर सरकार काम करेगी। उन्होेंने कहा कि 17 साल में तो कुछ किया नहीं अब हम करने जा रहे हैं तो राजनीति हो रही है।

सदन के बाहर भी भाजपा विधायकों ने किया प्रदर्शन
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन गुरूवार को भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। विधायकों ने कसमार के भूखल घासी की कथित भूख से हुई मौत पर प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायकों ने भूखल घासी की भूख से हुई मौत पर झारखंड सरकार शर्म करो के नारे लगाये। चंदनक्यारी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि दलित परिवार के पास खाने को बर्तन नहीं है। ऐसे में सरकार उसे दस लाख का मुआवजा और उसके किसी एक परिजन को सरकारी नौकरी दे। उन्होंने कहा कि बीडीओ ने उस परिवार को 25 हजार रुपये का प्रलोभन दिया और यह बताने को कहा कि उनकी मौत बीमारी से हुई है यह बेहद निंदनीय है। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक वेल में पहुंचे और हंगामा करने लगे। यहां भी विधायकों ने भूखल घासी के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा और उसके परिजनों को नौकरी देने की मांग की। भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद विधानसभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि क्या सदस्य चाहते हैं कि प्रश्नकाल नहीं चले। प्रश्नकाल को चलने दिया जाये। सदस्य अपने आसन में जायें।
कंसल्टेंट के विरूद्ध जांच की मांग की: नगर विकास विभाग के बजट पर विधानसभा में चर्चा के दौरान जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय विधायक सरयू राय ने पिछली सरकार में मनोनयन के आधार पर नियुक्त कई कंसलटेंट के विरूद्ध जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कई अयोग्य कंपनियों का मनोनयन हुआ। सरयू राय ने पहले की जांच रिपोर्ट के आधार पर मैनहर्ट घोटाले की भी जांच की मांग की। इसके अलावा मोमेंटम झारखंड में पीआर का काम संभालनेवाली अर्नेस्ट एंड यंग के खिलाफ भी जांच की मांग की।
विधायक मद की राशि चार से बढ़ाकर दस करोड़ की जाये
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में पक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने विधायक निधि मद की राशि बढ़ाने की मांग की। विधानसभा के 80 में से 16 विधायकों ने यह मांग की। जहां पंद्रह विधायकों ने इस मद में राशि चार से बढ़ाकर दस करोड़ करने की मांग की वहीं भाजपा विधायक डॉ शशिभूषण मेहता ने कहा कि इसे बढ़ाकर पंद्रह करोड़ कर दिया जाये। विधायक किशुन कुमार दास ने कहा कि दिल्ली में विधायक मद की राशि दस करोड़ है। झारखंड में भी इसे दस करोड़ किया जाये। वहीं बगोदर विधायक विनोद सिंह ने कहा कि मोदी राज में रुपया कमजोर हो गया है। रुपये के अवमूल्यन की बराबरी करने के लिए विधायक निधि की राशि चार करोड़ से बढ़ाकर दस करोड़ की जाये। इंद्रजीत महतो और अंबा प्रसाद ने भी यही मांग दोहराई। विधायक मद की राशि चार करोड़ से बढ़ाकर दस करोड़ करने की मांग करने वाले विधायकों में उमाशंकर अकेला, जेपी पटेल, मथुरा प्रसाद महतो, विरंची नारायण, अपर्णा सेन गुप्ता, नमन विक्सल कोन्गाड़ी, नारायण दास और अन्य के नाम शामिल हैं। वहीं विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने स्पीकर से कहा कि सभी विधायक विधायक निधि दस करोड़ करने की मांग कर रहे हैं आप नियमन तो दे दीजिए।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version