रांची। निर्दलीय विधायक सरयू राय ने ट्वीट कर कहा है कि झारखंड विधानसभा में दलबदल अथवा दल विलय का वर्तमान संकट नैतिक राजनीति बनाम राजनैतिक रणनीति के द्वंद्व की उपज है। मैं जहां सच वहां की सोच इसे गंभीर से गंभीर मोड़ पर ले जा रही है। विधानसभाध्यक्ष के लिए घोर असमंजस की स्थिति है। शनिवार को अपने आॅफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर सरयू राय ने यह बातें कहीं। उनके इस बयान को तीन सौ लोगों ने लाइक किया है। वहीं 21 लोगों ने इसपर कमेंट किया है। रविवार को इस विषय पर सरयू राय ने कहा कि यदि बाबूलाल मरांडी को स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता नहीं दी, तो भाजपा को दूसरे नेता का चयन करना चाहिए था। इस मसले पर हड़बड़ी की जरूरत नहीं थी।
अपने बयानों के लिए चर्चित रहे हैं सरयू राय
सरयू राय अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। हाल में ही उन्होंने विधानसभा भवन के निर्माण पर सवाल उठाया था। इसके अलावा उन्होंने रघुवर सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया था।

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