गोड्डा। आज जब हर जगह सरकारी व्यवस्थाओं को दोयम दर्जे का माना जाता है और इस व्यवस्था को चलानेवाले ही इसे उपेक्षित नजरों से देखते हैं, एक आइएएस अधिकारी ने इस व्यवस्था में विश्वास जता कर मिसाल कायम की है। सरकारी अधिकारी अपना इलाज महंगे अस्पतालों में कराते हैं और अपने बच्चों को महंगे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं, लेकिन इस आइएएस अधिकारी ने न केवल सरकारी अस्पताल पर भरोसा जताया है, बल्कि सरकारी स्कूल पर भी उन्हें उतना ही विश्वास है। गोड्डा की उपायुक्त किरण कुमारी पासी ने रविवार को सदर अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया है। उन्हें स्थानीय महिला चिकित्सक ने सीजेरियन की मदद से प्रसव कराया। एक आइएएस अधिकारी द्वारा सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर इतना भरोसा वाकई सुकून देनेवाली है।
किरण कुमारी पासी 2013 बैच की आइएएस हैं। उनके पति सिदो-कान्हू कृषि विश्वविद्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। श्रीमती पासी मूल रूप से लखनऊ की रहनेवाली हैं, लेकिन उनके पिता आसनसोल में बस गये हैं। अभी जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। रविवार को उनके मां बनने की सूचना मिलने के बाद अधिकारी और आम लोग उनका कुशल-क्षेम पूछने पहुंचे। आम लोग भी सदर अस्पताल के डॉक्टरों से डीसी का हाल-चाल पूछते रहे।
वैसे सात मार्च 2018 को गोड्डा डीसी के रूप में पदस्थापित होने के बाद से ही श्रीमती पासी इस पिछड़े जिले में कई उल्लेखनीय काम कर चुकी हैं। ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम को वह बहुत पहले अपने जिले में लागू कर चुकी हैं। उन्होंने ‘आपका प्रश्न’ नामक कार्यक्रम चला कर सरकारी अधिकारियों को आम जनता से जुड़ने का निर्देश दिया। इसके अलावा जिले के तमाम अधिकारियों को सप्ताह में एक बार जनता दरबार लगाने और लोगों की समस्याओं के समाधान का निर्देश भी उन्होंने दिया।

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