झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भोजनावकाश के बाद तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। बजट पर चर्चा के बाद विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 का 2698.14 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट ध्वनि मत से पारित हो गया।

हालांकि, विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया। इसके साथ सदन की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। चर्चा में भाजपा विधायक विधायक अमर कुमार बाउरी, अनंत ओझा, मनीष जयसवाल, कांग्रेस के बंधु तिर्की, उमा शंकर अकेला, झामुमो के बैद्यनाथ राम, माले के विनोद कुमार सिंह ने भाग लिया।

इससे पूर्व अनुपूरक बजट के कटौती प्रस्ताव पर अमर बाउरी ने कहा कि मार्च महीने में अनुपूरक बजट लाने का कोई औचित्य नहीं है। यह सरकार मूल बजट और दो अनुपूरक बजट की राशि का अब तक सिर्फ 40 प्रतिशत ही खर्च कर पाई है। वित्तीय वर्ष के अंत में खर्च करने में तीव्रता दिखाकर मार्च लूट का ताना-बाना बुना जा रहा है। मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकार 40 फ़ीसदी बजट की राशि ही खर्च कर पायी है। 28 दिनों में खर्च करने के लिए अनुपूरक बजट मांग रही है। यह इनकी अकर्मण्यता को दिखाता है।

विपक्ष के कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि नई योजना को लेकर अनुपूरक बजट लाया गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की मूल्यवृद्धि को देखते हुए सरकार ने राशन कार्डधारी गरीबों को 250 रुपये सब्सिडी देने का निर्णय किया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था अनुपूरक में की गई है। पोषण सखियों के मानदेय भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में 38 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हेमंत सोरेन की सरकार में मार्च लूट संभव नहीं है। यहां मार्च लूट नहीं होगा।

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