झारखंड में अब अन्य उत्पादों की तरह तम्बाकू की भी बिना लाइसेंस के बिक्री की जा सकेगी। राज्य सरकार ने एक अप्रैल से वेंडर लाइसेंसिंग की अनिवार्यता को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बाद इस संबंध में नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया गया है। इसकी जानकारी सभी कैबिनेट मंत्री, शहरी स्थानीय नगर निकाय के नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, कार्यपालक पदाधिकारी, विशेष कार्यपालक पदाधिकारी को दी गयी है।

सरकार ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए जनहित में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का विपणन, भंडारण, पैकिंग, प्रसंस्करण, सफाई विर्निमाण किसी भी विधि द्वारा झारखंड के अंदर करने के लिए लाइसेंस लेना एक अप्रैल से अनिवार्य किया था। इसके अलावा तंबाकू दुकान से तंबाकू के अलावा कोई और उत्पाद बेचने पर रोक थी। इस तिथि के बाद से बिना अनुज्ञप्ति कोई भी तंबाकू की बिक्री, भंडारण, मार्केटिंग इत्यादि नहीं कर सकता था।

सरकार के इस निर्णय के बाद रांची नगर निगम सहित सभी नगर निकायों में जागरुकता अभियान और कैंपेन चलाया गया और तंबाकू उत्पाद बेचने वालों को लाइसेंस लेने को कहा गया। लाइसेंस नहीं लेने की स्थिति में दंडित करने की भी चेतावनी दी गयी। पूरे मामले को लेकर कई स्तरों पर विरोध भी हुआ था।

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