रांची। राष्ट्रीय कांग्रेस और कांग्रेस के अधीन सभी इकाइयो के बैंक खातों को फ्रिज किए जाने के विरोध में झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने विरोध जताते हुए बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध है। प्रदेश ने कहा कि 18वीं लोकसभा के आम चुनाव की घोषणा तो हो चुकी है, देश का हर एक नागरिक इसमें भाग लेने के लिए उत्सकु है। भारत पूरी दुनिया में अपने लोकतंत्र मूल्यों और आदर्शों के लिए जाना जाता है। किसी भी लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव अनिवार्य होता है। आप सभी को मालूम ही होगा की रीसेंटली किन-किन देशों में ऐसा हुआ है, तो ये सत्ताधारी दल ने एक खतरनाथ खेल खेला है। इसके दूरगामी प्रभाव होंगे, पर ये स्पष्ट है कि इस तरीके से किसी राजनीतिक दल को असहाय बनाकर चुनाव लड़ने में बाधा उत्पन्न कर आए और फ्री एंड फेयर इलेक्शन कभी नहीं कहा जा सकता।
कांग्रेस के खातों पर नहीं, भारत के लोकतंत्र पर हमला
लोकतंत्र के उपर किस प्रकार का खतरा मंडरा रहा है, किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों के उपर हमला हुआ और ये कोशिश की जा रही है कि फाइनेंशियली कांग्रेस पार्टी को पंगू बना दिया जाए। ये केवल कांग्रेस पार्टी के खातों पर नरेन्द्र मोदी सरकार का हमला नहीं है, बल्कि भारत के लोकतंत्र पर हमला है। अगर प्रमुख विपक्षी पार्टी वित्तीय तौर पर पूरी तरके से पंगू हो जाए, कोई कार्य नहीं कर सके, पब्लिसिटी के उपर पैसा नहीं खर्च कर सके, कैंपेन के उपर पैसा नहीं खर्च कर सके, अपने कैंडिडेट को पैसे नहीं दे सके, तो फिर चुनाव किस बात का है और चुनाव की घोषणा हो चुकी है, पिछले एक महीने से हमारे अपने बैंक अकाउंट्स में पड़े हुए 285 करोड़ रूपए का हम इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। हम लोगों को पब्लिसिटी के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अंदर स्लॉट बुक करने है। हमें सोशल मीडिया के अंदर इस्तेमाल करना है। हमें पोस्टर छपवाने हैं, हमें पैम्पलेट छपवाने है। अगर हम लोग वो काम भी नहीं कर सकते, तो किस प्रकार से लोकतंत्र जिंदा रहेगा और यह कैसा लोकतंत्र है। इसलिए हम आपसे कहना चाहते हैं कि केवल हमलोग तो अपनी लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन ये आप लोगों की भी लड़ाई है, मीडिया की भी लड़ाई है, देश की जनता की लड़ाई है। अगर आप इसके अंदर हमें समर्थन नहीं करेंगे, तो लोकतंत्र जिंदा नहीं रहेगा, ना आप रहेंगे, न हम रहेंगे। हमारा टोटल जो है 14 लाख 40 हजार बनता है। जो 0।07 प्रतिशत है। तो सिर्फ 14 लाख 40 हजार जो हमारा 0।07 प्रतिशत है। उसकी वजह से हमारे उपर 210 करोड़ रूपए से भी अधिक का हमारे उपर लीएन मार्क करके हमें पैनेल्टी लगाई गयी है। तो आप सोचिए 14 लाख 40 हजार के बदले 210 करोड़ रूपए की पैनेल्टी हमारे उपर लगाई गयी है, ये कहां का लोकतंत्र है?