जल जंगल जमीन की बात करने वाले हेमंत सोरेन जमीन लूट के आरोप में जेल में
अरविंद केजरीवाल ने शराब की बोतल पर लिखी चेतावनी – ‘शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’ पढ़ा ही नहीं
झारखंड मुक्ति मोर्चा डीबीटी यानी डायरेक्ट वसूली पर विश्वास करती है, अकाउंट फ्रीज की तकनीकी बातों के बारे में उससे ज्ञान की अपेक्षा नहीं

रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने शुक्रवार को सत्ताधारी गठबंधन पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड और दिल्ली में बहुत सारी समानताएं हैं। प्रतुल ने कहा जहां एक और हेमंत सोरेन ने इडी के 10 समन को नजरअंदाज किया था तो वहीं अरविंद केजरीवाल ने भी 9 समन को नजरअंदाज किया। वह भी तब जब इन्होंने कानून के प्रति आस्था की शपथ ली थी।
प्रतुल ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा यूं तो जल, जंगल, जमीन की रक्षा की बात करता है। पर हेमंत सोरेन पर सेना के बगल वाली जमीन को अवैध कब्जा करने का आरोप लगा।

प्रतुल ने कहा कि केजरीवाल ने भी ‘दवा से दारू’ और ‘मोहल्ला क्लीनिक से महल तक’ का लंबा राजनीतिक सफर तय कर लिया। प्रतुल ने कहा कि ऐसा लगता है केजरीवाल ने शराब के बोतल पर लिखा लेवल ही नहीं पढ़ा जिसमें साफ लिखा है कि शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। शराब नीति में बड़ा परिवर्तन करके अरबों रुपयों का राज्य सरकार को नुकसान पहुंचाने के आरोप के कारण आज वह गिरफ्तार हो गये हैं। प्रतुल ने कहा कि हेमंत सोरेन ने यहां के आदिवासी मूलवासी को जल, जंगल और खनिज संपदा पर हक देने की बात कही थी। पर उल्टे वह खनिज संपदा को खुद और अपने परिजनों के माध्यम से हथियाना में लग गये। प्रतुल ने कहा कि पाठशाला की बात करने वाले अरविंद केजरीवाल मयशाला के चक्कर में आज अपनी दुर्दशा देख रहे हैं। यह दोनों मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वैसे नेताओं की श्रेणी में आते हैं जो भ्रष्टाचार करते हैं और बाद में अत्याचार का नारा लगाते हैं।
प्रतुल ने झामुमो पर तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस के अकाउंट फ्रीज के मुद्दे पर बोलने का उसको तो नैतिक अधिकार ही नहीं क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा डीबीटी यानी डायरेक्ट वसूली पर विश्वास रखता है। प्रतुल ने कहा कि कांग्रेस अभी भी उसे दुनिया में जी रही है जब उसे लगता था कि जो गांधी परिवार कहता है वही देश का कानून होता है। कांग्रेस ने इनकम टैक्स की धारा 13 ए का उल्लंघन किया और उसे ट्रिब्यूनल और उच्च न्यायालय तक कोई प्रारंभिक राहत नहीं मिली। उसके बाद नियम अनुसार उसके अकाउंट पर कार्रवाई की गयी। लेकिन यह ‘चोर मचाए शोर’ के तर्ज पर प्रेस कांफ्रेंस और आंदोलन कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय जाने का साहस नहीं दिखा रहे। प्रतुल ने कहा कि झामुमो के राज पाट में ही एक आइएएस अफसर के सीए घर से 20 करोड़ से ज्यादा बरामद हुआ। मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के सहयोगियों के घर भी करोड़ों रुपये की बरामद हुए। कांग्रेस के सांसद धीरज साहू के कंपनियों से तो इनकम टैक्स में रिकॉर्ड 350 करोड़ रुपयों की रिकवरी हुई थी। यह सब काले धन के संरक्षक हैं। नेशनल हेराल्ड केस के 5000 करोड़ रुपये का काला धन तो गांधी परिवार ने ही डकारने का प्रयास किया था।

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