नई दिल्ली। भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ‘ईएफटीए’ वस्तुओं, सेवाओं और निवेश में परस्पर व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार को एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इन सदस्य देशों में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को दी जानकारी में बताया कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच रविवार, 10 मार्च को एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, जिनमें एफ़टीए के चार सदस्य देश आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे, और स्विट्ज़रलैंड शामिल होंगे। ये समझौता, वस्तुओं, सेवाओं, और निवेश में परस्पर व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। इस समझौते को सात मार्च को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल गई।

भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच होने वाले समझौते में 14 अध्याय हैं। इनमें माल में व्यापार, उत्पत्ति के नियम, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर), सेवाओं में व्यापार, निवेश प्रोत्साहन एवं सहयोग, सरकारी खरीद, व्यापार में तकनीकी बाधाएं और व्यापार सुविधा शामिल हैं। भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए जनवरी, 2008 से ही आधिकारिक तौर पर व्यापार तथा आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर सहमति के लिए बातचीत चल रही है।

ईएफटीए देशों को भारत का निर्यात 2021-22 में 1.74 अरब डॉलर के मुकाबले 2022-23 के दौरान 1.92 अरब डॉलर रहा। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कुल आयात 16.74 अरब डॉलर था जबकि 2021-22 में यह 25.5 अरब डॉलर था।

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