रांची। मेडिका हॉस्पिटल ने कार्डियोलॉजी की सबसे जटिल प्रक्रिया टेवार में सफलता पायी है। उक्त जानकारी बुधवार को हॉस्पिटल ने पत्रकारों से बातचीत में दी। बताया कि एक अत्यंत जटिल कार्डियोलॉजी प्रक्रिया है। थोरैसिक एंडोवास्कुलर आर्टेरियलरिपेयर (टेवार) में सफलता पाना बड़ी उलपब्धि है। यह प्रक्रिया एक गंभीर रोगी पर की गयी, जिसे रांची के अन्य तीन बड़े हॉस्पिटल ने इलाज के लिए स्वीकार नहीं किया था और रोगी को राज्य से बाहर ले जाने की सलाह दी थी। रोगी को शरीर की सबसे बड़ी धमनी, अवोर्टा, मेंदीवार फटने की गंभीर समस्या थी, आॅक्सीजन से चुरेशन गिर रहा था, रोगी असहनीय दर्द में था और जान को खतरा था। रात दस बजे इस आपातकालीन स्थिति में मेडिका हॉस्पिटल के अनुभवी-कुशल ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ धनंजय कुमार और टीम ने बिना किसी देरी के कार्रवाई की और बिना चीर-फाड़ के माध्यम से ग्राफ्टिंग द्वारा धमनी की मरम्मत की, जिससे रोगी की जान बचायी गयी। अवोर्टा धमनी में लगाया गया ग्राफ्ट बंगलौर से विशेष रूप से मंगवाकर लगाया गया। मेडिका हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ धनंजय ने कहा कि टेवार एक उच्च जोखिम वाली प्रक्रिया है। इसमें उच्च स्तर की विशेषज्ञता और सावधानी की आवश्यकता होती है। हमें गर्व है कि हमारी टीम ने इस चुनौती पूर्ण केस में सफलता हासिल की है और एक जीवन को बचाया। अनिल कुमार ने बताया कि मेडिका हॉस्पिटल नवीनतम तकनीक जीरो कॉन्ट्रास्टएंजिओप्लास्टी, रोटाएब्लेजन, आइवसगाइडेड एंजिओप्लास्टी, बिना चीर-फाड़ के ह्रदय के छेद को बंद करना, मशीन लगाकर पंपिंग बढ़ाना जैसी जटिल प्रक्रिया है, जो अपने राज्य के लिए एक उपलब्धि है। उन्नत उपचार पद्धतियों को अपनाने, मेडिकल विशेषज्ञताओं में उच्चतम मानकों पर खरा उतर कर समाज के हर वर्ग के लोगों को बेहतरीन उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रेस कांफ्रेंस में मेडिका केअनिल कुमार, डॉ धनंजय कुमार, डॉ दीपक कुमार, डॉ रोहितकुमार, डॉ सुनील कुमार, भारती ओझा समेत अन्य उपस्थित थे।

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