फिर वही हथियार लेकर पुलिस पर वार करने के लिए पीछे दौड़ा
गिरिडीह। गिरिडीह के गांवा थाना इलाके के माल्डा में बुधवार की सुबह एक बेटे आलमगीर ने पहले अपने पिता मोहम्मद हासिम उर्फ बीरबल की हत्या धारदार हथियार से कर दी। इसके बाद जब स्थानीय पुलिस उसे हथियार के साथ दबोचने गयी, तो आरोपी बेटा आलमगीर उसी हथियार से पुलिस के पीछे दौड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान उसे हथियार के साथ अपने पीछे दौड़ते देख गांवा पुलिस भी सहम गयी और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। हालांकि एक जवान ने अपनी सरकारी राइफल से आरोपी बेटे आलमगीर को डराने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, वह बेखौफ पुलिस को दौड़ाता रहा। घटना के दौरान जुटी भीड़ ने भी डर से भागना शुरू कर दिया। इस दौरान काफी प्रयास के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे आलमगीर को हथियार के साथ दबोच लिया। वैसे घटना के दौरान जब आरोपी ने पिता की हत्या की, तो हासिम को बचाने उसकी बहू और आरोपी की पत्नी सेरुन खातून और बहन हिना भी आयी और उसे रोकने का प्रयास किया, तो वह दोनों को मारने के लिए दौड़ा। लिहाजा, दोनों ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी जान बचायी, लेकिन जान बचाने के क्रम में दोनों घायल हो गयी। इधर यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि आरोपी बेटा आलमगीर ने पिता हासिम उर्फ बीरबल की हत्या की क्यों। स्थानीय लोगों की माने तो बेटा दिमागी रूप से बीमार है। जानकारी के मुताबिक बहू और आरोपी की पत्नी सेरून खातून बुधवार की सुबह परिवार के सभी सदस्य सेहरी करने के लिए उठे थे, जबकि हासिम लघुशंका करने के लिए उठे। इसी दौरान आलमगीर पिता हासिम को जमीन पर पटकते हुए उस पर धारदार हथियार से वार करने लगा और उनके पेट में एक के बाद एक कई वार किये। इसी क्रम में आलमगीर ने उसी हथियार से पिता का गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हुई।