बोकारो। बोकारो व्यवहार न्यायालय में आज साइनाइड बम ईमेल के जरिए पहुंचा और फिर कोर्ट में हंगामा ही बरप गया। बोकारो व्यवहार न्यायालय के रजिस्टर के पास ईमेल पहुंचा, लिखा था 1:00 बजे तक कोर्ट परिसर को साइनाइड बम से उड़ा दिया जाएगा। मामले ने अफरा तफरी मचा दी। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई, पूरे कोर्ट परिसर बोकारो जिला बार एसोसिएशन परिसर को खाली कर दिया गया। कोर्ट आने वाली सड़क से आवाजाही रोक दी गई। पुलिस ने अपनी जांच शुरू की डॉग स्क्वायड की टीम लगाई गई। कोर्ट परिसर भवन और इसे जुड़े हुए अन्य भवनों को भी खाली कर दिया गया। लोग समझ नहीं पाए माजरा क्या है। और फिर कोतूहल और जिज्ञासा ने सबको जानने की ललक पैदा कर दी कि मामला है क्या। फिर पता चला की एक साइनाइड बम से भरा ईमेल पहुंचा है, कोर्ट उड़ाने की धमकी दी गई है और इसी के बाद यह एक्शन लिया गया है। बम की सूचना पुलिस की कार्यवाही और पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह सहित अन्य अधिकारियों का मौके पर पहुंचना दिनभर सनसनी हड़कंप और तरह-तरह की कयास के बीच फंसा रहा। इससे कोर्ट का और बार एसोसिएशन का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ।

बोकारो के पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे अन्य अधिकारी भी सूचना के बाद जांच के लिए मौके पर पहुंचे जांच शुरू कर दी गई डॉग स्क्वायड लगाया गया और सभी ने अपना अपना काम शुरू कर दिया। एक-एक भवन का एक-एक कोने की जांच की गई और फिर कुछ नहीं मिलने के बाद इस ईमेल की अफवाह ने लोगों की जो जान आफत में डाली थी लोगों को राहत मिली। लेकिन जांच जारी है और पुलिस अधीक्षक की माने तो साइनाइड बम होने और कोर्ट को उड़ाने का जो ईमेल मिला है उसकी जांच की जा रही है झारखंड जगुआर से बम स्क्वॉड की ट्रेंड टीम को जांच में लगाया गया है। और यह जांच की जा रही है कि ऐसा करने के पीछे मनसा क्या थी। यह पहला अवसर नहीं है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है ईमेल पहुंचा है। झारखंड के कई अन्य कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिल चुकी है। बोकारो में जब यह धमकी मिली तो पुलिस ने कोर्ट परिसर और इससे जुड़े हुए अन्य भवनों की सुरक्षा की एक बार फिर समीक्षा की है और फिर सुरक्षा की ठोस व्यवस्था पर विचार किया है ताकि कोर्ट की सुरक्षा को कोई आंच नहीं आए। फिलहाल लोगों की भीड़ उमड़ आई है इस धमकी भरे ईमेल की चर्चा जोरों से है और यह कोई साजिश है या फिर इसके पीछे कोई और मनसा है इसकी जांच पुलिस के स्तर से जारी है। फिलहाल खबर लिखे जाने तक किसी भी तरह की कोई भी आपत्तिजनक सुचना नहीं थी।

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