लातेहार। जिले के चंदवा प्रखंड स्थित चकला पंचायत के बना चकला गांव में रश्मि मेटेलिक कंपनी की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों और पुराने कर्मचारियों ने एकजुट होकर कंपनी परिसर में चल रहे सभी प्रकार के कार्यों को बंद करा दिया। सोमवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मुख्य मेन गेट से नगाड़ा बजाते हुए प्रोजेक्ट ऑफिस पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और पूर्व कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रही है। मैनपावर के कर्मचारियों ने बताया कि जब कंपनी बैंक के अधीन थी तब भी उन्हें हर माह गुजारा भत्ता और वेतन मिलता था। लेकिन रश्मि मेटेलिक कंपनी द्वारा एनसीएलटी कोर्ट प्रक्रिया के तहत अधिग्रहण की खबर से उन्हें उम्मीद जगी थी कि पुराने कर्मचारियों को फिर से काम मिलेगा। ग्रामीणों ने कहा कि उनके पूर्वजों ने अपनी जमीन कंपनी को औने-पौने दाम पर इस उम्मीद से दी थी कि आने वाली पीढ़ियों को रोजगार मिलेगा और उनका भविष्य उज्जवल होगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। अभिजीत ग्रुप लगने के दौरान सिक्योरिटी पर काम कर रहे पांच लोग को उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या भी कर दी थी।
वैसे लोगों के परिवार को भी कंपनी हमेशा के लिए नौकरी और सभी सुविधा देने की बात कही थी। पर वे पांचों परिवार को भी रश्मि मेटलिक्स ने अभी तक कार्य पर नहीं रखा है। इधर, ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट प्रकाश चंद्र जोशी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कहा कि सरकारी प्रावधान में जो भी नियम कानून होगा। उसे कंपनी पालन करेगी। कहा कि कंपनी अभी नई-नई आई है। जल्द ही पुराने सभी लोगों को भी रोजगार देने पर विचार किया जाएगा। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने किसी भी कार्य के शुरू करने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेने की बात कही। इस पर जोशी ने कहा कि फिलहाल कंपनी पुराने कार्यों की मरम्मत कर रही है। इसलिए ग्राम सभा की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चारदीवारी के बाहर कोई नया कार्य शुरू किया जाएगा तो ग्राम सभा की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी अपने अधिकांश कार्य खड़गपुर के बाहरी वेंडरों से करवा रही है, जबकि वहीं काम स्थानीय वेंडर भी कर सकते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।



