रांची: झारखंड में रामनवमी के महापर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। राज्य के सभी 24 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। त्योहार के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 10,000 से अधिक अतिरिक्त जवानों और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
संवेदनशील जिलों पर विशेष फोकस प्रशासन ने रांची, हजारीबाग, जमशेदपुर, गिरिडीह और लोहरदगा को अति-संवेदनशील (Sensitive Zone) घोषित किया है। इन जिलों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियाँ भेजी गई हैं। विशेष रूप से रांची और हजारीबाग में सुरक्षा का घेरा सबसे मजबूत रखा गया है, जहाँ बड़े जुलूस निकलने की परंपरा है। पुलिस ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी पूरी कर ली है।
तकनीक और सोशल मीडिया पर पहरा सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जुलूस मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन कैमरों से आसमान से नजर रखी जाएगी। साथ ही, हजारों सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। पुलिस की एक विशेष टीम सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
QRT और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात प्रमुख चौक-चौराहों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और दंगा नियंत्रण वाहनों को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से कड़ाई से निपटा जाए। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं और किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा न करें।



