नई दिल्ली/बेंगलुरु: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब भारतीय रसोई और व्यापार पर दिखने लगा है। भारत के सबसे बड़े एलएनजी (LNG) सप्लायर, कतर से होने वाली आपूर्ति बाधित होने के कारण देश के प्रमुख महानगरों में गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही ठप होने और कतर के ठिकानों पर हमलों ने सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ दिया है।
महानगरों में मची अफरा-तफरी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू गैस की रिफिल के लिए अब लोगों को 2 से 8 दिनों तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। डीलरों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई लगभग शून्य हो गई है। वहीं, कोलकाता में सीएनजी स्टेशनों के बाहर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है।
बेंगलुरु के होटलों पर ताला लगने की नौबत
सबसे खराब स्थिति बेंगलुरु में देखी जा रही है। ‘बेंगलोर होटल्स असोसिएशन’ ने चेतावनी दी है कि बिना किसी पूर्व सूचना के कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई रोक दी गई है। असोसिएशन के अनुसार, यदि केंद्र सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो मंगलवार से शहर के हजारों होटल और रेस्टोरेंट बंद करने पड़ेंगे।
रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर मंडराया खतरा
नैशनल रेस्टोरेंट असोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संस्था का कहना है कि सरकार भले ही सप्लाई सुचारू होने का दावा करे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सप्लायर गैस देने में असमर्थता जता रहे हैं। इससे पूरे फूड सेक्टर और उससे जुड़े रोजगार पर संकट मंडरा रहा है।
बुकिंग का समय बढ़ा, आम जनता परेशान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई राज्यों में गैस बुकिंग का समय बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यानी अब एक बार सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर मिलने में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।
मुख्य बिंदु:
सप्लाई चेन: कतर से आने वाली गैस होर्मुज की खाड़ी में तनाव के कारण रुकी।
प्रभाव: मुंबई में कमर्शियल सप्लाई बंद, बेंगलुरु में होटल उद्योग ठप होने की कगार पर।
इंतजार: रिफिल के लिए अब 8 से 25 दिनों तक की देरी।
भारत सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय इस संकट को सुलझाने के लिए वैकल्पिक रास्तों और कूटनीतिक समाधानों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।

