नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान चौतरफा पलटवार कर रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायु सेना कमांडर के ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है। ईरान टाइम्स के मुताबिक, इस हमले के बाद इजरायली नेतृत्व में हड़कंप है और आईआरजीसी का दावा है कि हमले के बाद नेतन्याहू का भविष्य अस्पष्ट है।
आईडीएफ का कहना है कि यह कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे जघन्य अपराधों को जानबूझकर अंजाम देने के समान हैं। इस निरंतर और गंभीर अन्याय के प्रति उदासीनता मानवता के भविष्य को अंधकारमय कर देगी और उन साझा मूल्यों को खतरे में डाल देगी, जिन पर हमारा वैश्विक समुदाय आधारित है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
दरअसल, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सर्वोच्च नेता खामनेई की मौत के बाद एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “हमारे वीर लोग ईरान के महान नेता की कायरतापूर्ण हत्या और दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में अमेरिकी और इजरायली मिसाइलों द्वारा मारे गए 165 निर्दोष बच्चों के नरसंहार पर शोक मना रहे हैं। वहीं, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका आवासीय क्षेत्रों पर अंधाधुंध हमले जारी रखे हुए हैं, अस्पतालों, स्कूलों, रेड क्रिसेंट सुविधाओं और सांस्कृतिक स्थलों को भी नहीं बख्श रहे हैं।”

