रामगढ़। जिले के प्रसिद्ध रजरप्पा मंदिर परिसर में श्रद्धालु के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद एसपी अजय कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। सख्त कदम उठाते हुए चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित रजरप्पा मंदिर में पूजा-अर्चना करने आए एक श्रद्धालु ने मंदिर के निकास द्वार से प्रवेश करने का प्रयास किया। उस समय निकास द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान श्रद्धालु और पुलिसकर्मियों के बीच पहले बहस और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद मामला बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश दिए। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ को पूरे मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जाँच मिलने के बाद घटनास्थल पहुंचे एसडीपीओ
जांच पदाधिकारी ने घटनास्थल पर जाकर पूरे मामले की भौतिक जांच की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निकास द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्थिति को संयम और धैर्य के साथ संभालना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपना आपा खो दिया और श्रद्धालु के साथ मारपीट की। जांच में संबंधित पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया।

इन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
जांच के बाद आरक्षी श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, आरक्षी बहादुर उरांव और आरक्षी जॉनसन सुरीन (सभी आरक्षी सैट-112, कैम्प रजरप्पा, झारखंड सशस्त्र पुलिस-04, बोकारो) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय झारखंड सशस्त्र पुलिस-04 बोकारो निर्धारित किया गया है। साथ ही रक्षित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में आरोप-प्रारूप तैयार कर समादेष्टा झारखंड सशस्त्र पुलिस-04 बोकारो के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

पुलिस की छवि को पहुंचा नुकसान
पुलिस अधीक्षक रामगढ़ ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस घटना से आम जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई है, जो अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मियों से अनुशासन, धैर्य और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है और इस प्रकार की लापरवाही या मनमानी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। एसपी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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