रांची: मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि झारखंड माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 आजादी के बाद देश में आर्थिक क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। पहले तरह-तरह के टैक्स लगते थे। राज्य में 10 तरह के टैक्स लगते थे। इसी तरह केंद्र की ओर से 8 टैक्स लगाये जाते थे। जीएसटी लागू होने से एक देश, एक बाजार और एक कर की परिकल्पना फलीभूत होने जा रही है। उन्होंने विधेयक के प्रावधानों के बारे में बताया कि सालाना 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को इससे मुक्त रखा गया है। ऐसे व्यापारियों को निबंधन कराने की जरूरत नहीं है। मंत्री सीपी सिंह सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पत्रकार वार्ता में अपर मुख्य सचिव अमित खरे, सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार और वाणिज्यकर प्रधान सचिव केके खंडेलवाल उपस्थित थे।
सर्वसम्मति से पास हुआ बिल
सीपी सिंह ने कहा कि विशेष सत्र में जीएसटी बिल सर्वसम्मति से पास किया गया है। झारखंड के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने के लिए पक्ष-विपक्ष के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की सोच का ही परिणाम है कि 10 साल से जिसके लिए प्रयास हो रहा था, उसे केंद्र की मौजूदा सरकार ने संसद के दोनों सदनों से पारित कराया।

55 हजार व्यवसायी निबंधित
सीपी सिंह ने कहा कि झारखंड सरकार जीएसटी लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 55 हजार व्यवसायियों का निबंधन किया जा चुका है। निबंधन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह नयी व्यवस्था शुरू होने जा रही है, इसलिए इससे जुड़े सभी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इससे जुड़े सीए और वकीलों को भी प्रशिक्षण दिये जायेंगे।
सेवा कर में मिलेगी हिस्सेदारी
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि इससे राज्य को राजस्व का नुकसान नहीं होगा, क्योंकि पहले सेवा कर में राज्यों को हिस्सेदारी नहीं मिलती थी, जो अब मिलेगी। वैसे भी इसके लागू होने से उत्पादक राज्य को होनेवाले राजस्व के नुकसान की पांच वर्षों तक केंद्र की ओर से भरपाई किये जाने का प्रावधान है।

मेक इन इंडिया को मिलेगी गति: खरे
विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव वित्त अमित खरे ने कहा कि जीएसटी लागू होने से मेक इन इंडिया को गति मिलेगी। टैक्स में राहत के कारण उत्पादनों की बिक्री बढ़ेगी और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। झारखंड एक उत्पादक राज्य है, पर इससे हमारे राज्य को नुकसान नहीं होने जा रहा है। जीएसटी का आधार वर्ष होने के कारण केंद्र सरकार ने उत्पादक राज्यों को पांच साल तक छूट दी है। सर्विस टैक्स में भी हिस्सेदारी मिलने के कारण झारखंड को नुकसान नहीं होगा।

झारखड का राजस्व बढ़ेगा : खंडेलवाल
वाणिज्यकर के प्रधान सचिव केके खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी लागू होने से ज्यादा खपत करनेवाले राज्यों को भी फायदा होगा। कैपिटल गुड्स से भी राज्य को टैक्स मिलने से राजस्व बढ़ने की संभावना है। जीएसटी लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी। आम लोगों पर टैक्स का भार कम होगा। कीमतों में कमी आयेगी। लग्जरी से संबंधित उत्पाद, सिगरेट आदि महंगे होंगे, जबकि खाद्य पदार्थ और जरूरत के सामान सस्ते होने की संभावना है।

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