लातेहार: नक्सलियों के सफाये को लेकर अति नक्सल प्रभावित और नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले बूढ़ा पहाड़ पर आॅपरेशन क्लीन स्वीप चलाया जा रहा है। इसके तहत लातेहार और गढ़वा जिला में नक्सलियों का गढ़ बूढ़ा पहाड़ से उनके सफाये को लेकर पिछले दो दिनों से आॅपरेशन क्लीन स्वीप जारी है। इस नक्सल अभियान क्लीन स्वीप में पूर्व के अभियान से अधिक सुरक्षा बलों को गढ़वा और लातेहार के सीमावर्ती क्षेत्रों की तरफ से लगाया गया है, जिसमे जिला बल के साथ-साथ सीआरपीएफ, 11 वीं, 112 वीं, 214 वीं, कोबरा और झारखंड जगुआर की कई कंपनियां लगायी गयी हैं। इसके तहत लगभग छह से अधिक अस्थायी कैंप भी बनाये गये हैं। सूत्रों की मानें तो सुरक्षा बलों ने उनके गढ़ में दस्तक दे दी है।

हेलीकॉप्टर की भी ली जा रही मदद
नक्सल अभियान में दिन रात सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी नक्सलियों की खोज मे अभियान चला रहे हैं। वहीं अभियान की निगरानी हेलीकॉप्टर द्वारा भी की जा रही है। साथ ही साथ हेलीकॉप्टर के माध्यम से अस्थायी कैंप में जवानों की जरूरत के सामान पहुंचाये जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित बूढ़ा पहाड़ के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल को खत्म करने के लिए बरवाडीह प्रखंड की लात पंचायत के करमडीह, पतराटोला और टोंगारी में झारखंड सरकार सीआरपीएफ कैंप बनाने की तैयारी में है। इसे लेकर सभी प्रकिया भी पूरी कर ली गयी है।
कैंप बनाये जाने से ग्रामीण भी खुश
कैंप बनाये जाने की खबर का ग्रामीणों ने भी स्वागत किया है। 13 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्रालय के नक्सल और आंतरिक सुरक्षा सलाहकार के विजय कुमार रांची आये थे। उन्होंने बूढ़ा पहाड़ पर नक्सलियों के खिलाफ रणनीति तैयार की। उसी रणनीति के तहत नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। कुमार ने रांची के झारखंड जगुआर कैंप में सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। इसमें रणनीति बनायी गयी थी। इसी के तहत आॅपरेशन चलाया जा रहा है। एडीजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता आरके मलिक ने बताया कि नक्सलियों के खात्मे तक बूढ़ा पहाड़ पर अभियान जारी रहेगा। अभियान के दौरान शुक्रवार को सीआपीएफ की 112वीं बटालियन की डी कंपनी को लाटु के जंगल में 15 कुकर बम, पांच किलो का एक केन बम समेत कई सामान मिले थे। सभी बम को मौके पर ही डिफ्यूज कर दिया गया था।

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