शख्स जिसने महिलाओं को सिगरेट पीना सीखाया – अक्सर आपने महिलाओं को सिगरेट फूंकते हुए देखा होगा लेकिन क्या आप जानते है जब सिगरेट की शुरुआत हुई तब महिलाओं का सिगरेट पीना टैबू माना जाता था।

मतलब उस ज़माने महिलाएं सिगरेट पीती तो थी लेकिन उन्हें इज्जतदार नहीं कहा जाता था। लेकिन एक शख्स को ये नागवार गुजर रहा था कि महिलाएं सिगरेट क्यों नहीं पी रही है।

ये बंदा कोई और नहीं बल्कि अमेरिका की तंबाकू कंपनी का प्रेसिडेंट जार्ज वाशिंगटन हिल था, जो चाहता था की अगर महिलाएं भी सिगरेट पीना शुरू कर देंगी तो उसका बिजनेस दिन दुनी और रात चौगुनी तरक्की करेगा।

ये बात साल 1928 की है जब पूरी दुनिया में प्रथम विश्व युद्ध के बाद का समय चल रहा था.

युद्ध के चलते अधिक्तर अमेरिकी पुरुष सेना में चले गए थे. अब घर की जिम्मेदारियां संभालते हुए महिलायें घर से बाहर निकलकर जॉब करने लगी थी। ये दौर बड़ा ही परिवर्तन वाला था। अब महिलाएं सड़कों पर समान वेतन समान कार्य, महिलाओं के वोट डालने के अधिकार जैसे मुद्दे और महिलाओं के हक़ के लिए सड़कों पर उतर रही थी। जार्ज महिलाओं के इस आंदोलन को भुनाना चाहता था. वो बखूबी जनता था कि किसी भी तरह अगर सार्वजानिक स्थान पर सिगरेट पीने को महिलाओं के हक़ से जोड़ दिया गया तो समझो उसको बिजनेस चल निकलेगा।

जार्ज ने इस मुश्किल प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एडवर्ड बर्नेस की मदद ली जो दुनिया के सबसे प्रभावशाली साइकोलॉजिस्ट और साइकोएनालिसिस के गॉडफ़ादर सिगमंड फ्रायड के भतीजे थे। जार्ज ने एडवर्ड की सर्विस के लिए 25 हजार डॉलर की भारी भरकम कीमत भी चुकाई थी। एडवर्ड का मत था कि अगर लोगों का चीजों और अलग-अलग तरह के सामानों के साथ भवनात्मक संबंध जोड़ दिया जाए तो उपभोक्तावाद को एक नई दिशा मिल सकती है और देश की अर्थव्यवस्था जबरदस्त तरीके से फल-फूल सकती है।

लेकिन इस बार एडवर्ड की चुनौतियां अलग थी.

महिलाएं सिगरेट की तरफ आकर्षित क्यों हो इसके लिए एडवर्ड एक सही वजह की तलाश में थे।

31 मार्च 1929 भले ही ज्यादातर लोगों के लिए खास न हो लेकिन इस दिन एडवर्ड ने अपनी मार्केटिंग और पब्लिक रिलेशन का नायाब नमूना पेश किया था। टार्चेस ऑफ़ फ्रीडम नाम के इस कैम्पेन के सहारे वह एक स्टीरियोटाइप और बनी हुई धरणा को तोड़ने चले थे। ये ईस्टर फेयर का मौका था जब न्यूयॉर्क में काफी भीड़ थी. इस भीड़ में एक महिला ने सब के बीचो-बीच सिगरेट पीने लगी जिससे सनसनी मच गई, मीडिया ने इस घटना को तुरंत कवर किया। इस तरह से जार्ज वाशिंगटन हिल नाम का शख्स जिसने महिलाओं को सिगरेट पीना सीखाया.

बस यहीं से अमेरिका में मानों एक क्रांति शुरू हो गई.

अब महिला आन्दोलनों में समान वेतन के साथ सिगरेट पीने की मांग भी होने लगी। एडवर्ड ने टार्च ऑफ़ फ्रीडम के सहारे महिलाओं के पब्लिक में सिगरेट पीने को लेकर खुलेआम पैरवी की। अब सिगरेट पीने को महिलाओं की आज़ादी से जोड़कर देखा जाने लगा था। धीरे-धीरे महिलाओं के लिए सिगरेट पीना अब एक मानसिक और सामाजिक क्रांति बन चूका था।

बस फिर क्या था महिलाओं का सिगरेट पीना शुरू हो गया और वाशिंगटन हिल और एडवर्ड का काम अब पूरा हो चूका था। वाशिंगटन का तंबाकू का बिजनेस चल निकला और बाद में एडवर्ड के रहते इस कंपनी और भी कई उचाईयों को छुआ था।

जार्ज वाशिंगटन हिल था वो शख्स जिसने महिलाओं को सिगरेट पीना सीखाया !

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