एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सियासी पार्टियों की ओर से बार-बार भारत विरोधी बयान दिये जा रहे हैं। पूर्व में महबूबा मुफ्ती द्वारा भारत विरोधी स्टेटमेंट देने के बाद अब नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने भी देश विरोधी टिप्पणी की है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 35ए के प्रावधानों को खत्म करने की चर्चा के बीच उमर ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा शर्त के साथ बना था और हम राज्य में वह व्यवस्था पुन: वापस लायेंगे, जिसके तहत प्रदेश का अपना वजीर-ए-आजम और सदर-ए-रियासत हुआ करता था। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में एक सभा को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि आज हमारे ऊपर तरह-तरह के हमले हो रहे हैं, कई तरह की साजिश हो रही है। कई ताकतें लगी हुई हैं जम्मू-कश्मीर की पहचान मिटाने के लिए। कल की बात है, जब अमित शाह साहब ने किसी इंटरव्यू में कहा कि हम 2020 तक जम्मू-कश्मीर से 35ए को खत्म कर देंगे।’ उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए भाषण में आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर बाकी रियासतों की तरह नहीं है। बाकी रियासत बिना शर्त रखे हिंदुस्तान में मिल गयीं, लेकिन हमने शर्त रखी और मुफ्त में नहीं आये। हम बिना शर्त मुल्क में नहीं आये। हमने अपनी पहचान बनाये रखने के लिए संविधान में कुछ चीजें दर्ज करायीं और कहा कि हमारा संविधान और झंडा अपना होगा। उस वक्त हमनें अपना सदर-ए-रियासत और वजीर-ए-आजम भी रखा था, अब हम उसे भी वापस ले आयेंगे।’
महबूबा ने भी केंद्र सरकार को दी थी चेतावनी
हाल ही में जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी कहा था कि अगर जम्मू-कश्मीर से धारा 35ए को खत्म किया जाता है तो राज्य का भारत के साथ रिश्ता भी खत्म हो जायेगा। इसके अलावा पूर्व में महबूबा मुफ्ती ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था ‘आग से मत खेलो, अनुच्छेद-35अ से छेड़छाड़ मत करो वरना 1947 से अब तक जो आपने नहीं देखा, वह देखोगे। यदि ऐसा होता है तो मुझे नहीं पता कि जम्मू-कश्मीर के लोग तिरंगा उठाने की बजाये कौन सा झंडा उठायेंंगे।’

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