उत्तरी हिंद महासागर और अरब सागर में भविष्य में उठने वाले तूफान शाहीन, गुलाब, तेज, अग्नि और आग जैसे नामों से जाने जाएंगे क्योंकि 13 देशों द्वारा भविष्य के लिए सुझाए गए 169 नामों में शामिल हैं. भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी. इससे पहले तूफानों का नामकरण 2004 में आठ देशों ने मिलकर किया था लेकिन उस समय निर्धारित नामों की सूची उत्तरी हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कोई तूफान आने पर खत्म हो जाएगी.

इन क्षेत्रों में उठने वाले अगले तूफान का नाम अम्फान होगा जिसे थाईलैंड ने प्रस्तावित किया था और 2004 में तैयार भविष्य के तूफानों के नामों की सूची में यह आखिरी नाम है.

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि इसके मद्देनजर 2018 में भविष्य में तूफानों का नाम रखने के लिए एक समिति गठित की गई थी.उन्होंने बताया कि बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, म्यांमा, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन ने 13-13 नाम सुझाए हैं. महापात्रा ने बताया कि इन नामों में से जिन 13 नामों को चुना गया है वे हैं, बांग्लादेश द्वारा प्रस्तावित अर्नब, कतर द्वारा प्रस्तावित शाहीन, पाकिस्तान द्वारा प्रस्तावित लुलु, म्यांमा द्वारा प्रस्तावित पिंकू, कतर द्वारा प्रस्तावित बहार, भारत द्वारा प्रस्तावित गति, तेज और मुरासु (तमिल वाद्य यंत्र), आग, नीर, प्रभंजन, अम्बुद, जलधि और वेग आदि हैं.

 

 

 

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