रोजाना हम यह देख रहें हैं कि कोरोना संक्रमण के बाद ज्यादातर लोग ठीक होकर अपने घर लौट रहें हैं। लेकिन इसी बीच कुछ ऐसी भी खबर आ रही है जिससे लोगों का मनोबल घटता है। क्वारंटीन में रह रहें कुछ लोग कोरोना के डर से पहले ही हार मान कर आत्महत्या कर ले रहें हैं। ऐसे में इन लोगों को यह समझना चाहिए कि कोेरोन से होने वाली मौत का आंकड़ा बहुत कम है। बहुत सारे लोग ठीक भी हो रहें है।टूंडला के एक रेल अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद एफएच हॉस्पिटल में क्वारंटीन कराए गए एक रेलकर्मी ने आत्महत्या कर ली। उसके इस कदम से उसके साथी कर्मचारी बेहद हताश हैं। बताया जाता है कि आत्महत्या करने वाला यह कर्मचारी 50 वर्ष का था और रेवले के कंट्रोल रूम में कार्यरत था। टूंडला के एफएच हॉस्पिटल में विगत 20 अप्रैल से एक दर्जन से अधिक रेल कर्मचारी क्वारंटीन हैं। बुधवार सुबह 50 वर्षीय रेल कर्मचारी ने फंदे से लटकरकर आत्महत्या कर ली। माना जा रहा है कि वह कोरोना वायरस के चलते बेहद तनावग्रस्त थे। इस घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब कर्मचारियों के लिए नाश्ता देने एक युवक आया। रेलकर्मी के इस खौफनाक कदम से साथी दहशत में हैं।