महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर अठकलें अभी भी बरकरार है क्योंकि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उनके विधान परिषद नामांकन पर फिलहाल अभी तक कोई भी फैसला नहीं किया है। उन्होंने राज्य के मंत्रियों के साथ बातचीत भी की लेकिन बातचीत के दौरान भी उन्होंने दौरान ठाकरे के नामांकन को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।एनसीपी के अजीत पवार और जयंत पाटिल, शिवसेना के एकनाथ शिंदे और अनिल परब और कांग्रेस के बालासाहेब थोराट और असलम शेख जैसे मंत्रिमंडल के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राज्यपाल से मिलने के लिए पहुंचा। जिसमें उन्होंने ठाकरे को परिषद का सदस्य नामांकित करने को लेकर संशोधित राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिश की। लेकिन उनका कहना था कि राज्यपाल का रवैया टाल-मटोल वाला रहा। इसलिए यह कहा नहीं जा सकता कि राज्यपाल उनकी याचिका को कब स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि ठाकरे के नामांकन पर अनिश्चितता के मद्देनजर सरकार विधान परिषद चुनावों के लिए चुनाव आयोग से संपर्क करने पर विचार कर रही है।पहले की योजना के अनुसार नौ सीटों के लिए 24 अप्रैल को चुनाव होने थे और ठाकरे को चुनाव लड़ना था। हालांकि कोरोना वायरस की वजह से आयोग ने चुनाव को स्थगित कर दिया। इसी वजह से मुख्यमंत्री चाहते हैं कि राज्यपाल अपने कोटे की खाली पड़ी दो सीटों में से एक पर उन्हें नामित कर दें।कैबिनेट ने नौ अप्रैल को राजभवन में उनके नामांकन के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था लेकिन हाल ही में यह बताया गया कि तकनीकी आधार पर उनकी याचिका पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिसके बाद कैबिनेट ने सोमवार को नई सिरे से प्रस्ताव पारित किया। जिसमें आयोग को जल्द से जल्द या 20 मई से पहले राज्य में परिषद के चुनाव कराने के लिए कहा गया है।

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