नई दिल्ली:  देश के बैंकों ने 50 विलफुल डिफाल्टरों का 68,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई के जरिए मांगी गई सूचना के जवाब में ये बताया है। जिन लोगों का कर्ज माफ हुआ है, उनमें ज्यादातर बड़े कारोबारी हैं। वहीं मामला सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार पर आक्रमक हो गई है और डिफाल्टरों को बीजेपी का दोस्त बता दिया। जिसके बाद अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया है। साथ ही सीतारमण ने कांग्रेस पर जनता को गुमहार करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला लगातार जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि विजय माल्या से लेकर नीरव मोदी तक से कर्ज वसूली के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 2009-10 और 2013-14 के बीच अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने 1,454,226 करोड़ रुपये राइट ऑफ किया था। इस दौरान कांग्रेस का शासन काल था। ऐसे में आशा है कि राहुल गांधी ने डॉ. मनमोहन सिंह से सलाह ली होगी कि ये राइट ऑफ किस बारे में थाएक दूसरे ट्वीट में सीतारमण ने मेहुल चोकसी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक मोदी सरकार ने चोकसी की 1936 करोड़ से अधिक की संपत्ति को अटैज किया है। साथ ही 597.75 करोड़ की प्रापर्टी को सीज किया गया है। चोकसी की सीज संपत्ति में 67.9 करोड़ की विदेशी संपत्ति शामिल है। वहीं मोदी सरकार ने ही चोकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी करवाया है। साथ ही उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया भी जारी है। वहीं हीरा व्यापारी नीरव मोदी की 2389 करोड़ की संपत्ति को सीज किया गया है। जिसमें 961.47 करोड़ की विदेशी संपत्ति है। देश छोड़कर भागा नीरव मोदी ब्रिटेन में सलाखों के पीछे है। इसी तरह माल्या पर कार्रवाई करते हुए उसकी करीब 8040 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है। इसके साथ ही 1693 करोड़ के शेयर जब्त किए गए हैं।

 

 

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