उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए राज्य की सीमाएं सील रहेंगी और 30 जून तक राज्य में किसी भी तरह की सार्वजनिक सभाओं पर रोक रहेगी. उन्होंने रमजान में कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने और अन्य किसी भी प्रकार की नई गतिविधि न करने के भी निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री शुक्रवार शाम अपने आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों को निर्देश दे रहे थे. योगी ने कहा कि अगले दो महीने में पांच से दस लाख श्रमिकों के प्रदेश में पहुंचने की संभावना के मद्देनजर क्वरंटाइन के लिए जिलों में शेल्टर होम बनाए जाएं.

अगर कोई शख्स क्वरंटाइन से भागता है तो उसके ऊपर मुकदमा दर्ज कराएं. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने जिलों में मौजूद दूसरे राज्यों के श्रमिकों की सूची अपर मुख्य सचिव गृह को देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने गोकशी के मामलों को सख्ती से रोकने और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ एनएसए लगाने का आदेश दिया है

सीमावर्ती जिलों से किसी भी तरह की घुसपैठ नहीं होनी चाहिए. लॉकडाउन में अच्छा कार्य किया गया है, लेकिन काफी सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रदेश में कोरोना संक्रमण तब्लीगी जमात के कारण ज्यादा फैला है, लिहाजा जमात से जुड़े लोगों को चिह्नित कर उन्हें क्वरंटाइन कर उनका टेस्ट कराएं.

75 जिलों के बीच संकट के समय में अच्छे प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने मेडिकल इंफेक्शन को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि सभी डीएम शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही निर्णय लें. अगर किसी भी जिले में एक भी केस होगा तो वहां लॉकडाउन खोलना मुश्किल होगा.

उन्होंने डीएम को जिले में टीम गठित कर उनकी जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने को कहा है. हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों और लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं. डीएम-सीएमओ के साथ मेडिकल टीम के क्वरंटाइन की व्यवस्था खुद चेक करें.

उन्होंने आईटी सेक्टर में सोशल डिस्टेंसिंग कर काम को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए बालू, मौरंग, गिट्टी आदि के खनन को धीरे-धीरे शुरू करने को कहा. उन्होंने अनावश्यक पास जारी न किए जाने के निर्देश दिए. कच्ची शराब की बिक्री को हर हाल में रोकने और कोटे की दुकानों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया है.

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