आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। होम्योपैथी के डॉक्टर राजीव कुमार ने कहा है कि इन दिनों लोग कोरोना से जूझ रहे हैं। कोरोना से बचाव और संक्रमित का इलाज दोनों होम्योपैथी में कारगर है। होम्योपैथी दवा जहां कोरोना से बचाव के लिए उपयोग में लायी जा सकती है, वहीं कोरोना हो जाने पर भी इससे मरीज ठीक हो सकता है। डॉक्टर राजीव कुमार ने कहा कि मैं निजी अनुभव के तौर पर इसे मरीजों को दे रहा हूं, जिससे आशातीत लाभ मिल रहा है।
लक्षण के आधार पर इलाज
डॉ. कुमार वे कहा कि कोविड-19 के लक्षण के बारे में लगभग सभी लोगों को जानकारी है। इसमें निरंतर बुखार रहना, सांस लेने में तकलीफ होना, सूखी या गिली खांसी होना, शरीर में आॅक्सीजन की कमी होना, बदन दर्द होना, कमजोरी लगना आदि है। होम्योपैथी दवा संक्रमण के इन सभी लक्षणों में असरदार है।
कोरोना से बचाव और इलाज के लिए दवा
बचाव के लिए- आरसेनिक एलबी 30 और इम्युनिटी बूस्टर दवा।
सामान्य मामले में (मरीज संक्रमित है पर लक्षण नहीं हो)- आरसेनिक एलबी 200, ब्रियोनिया 200 और कैंपहोरा 200।
हल्के लक्षण में (गला खराब, उल्टी, पतली दस्त, पेट दर्द, चक्कर आना) एनटिम टार्ट 30, चायना 200, आरएल-26, आरएल-27, थ्रोट ड्रॉप 200, आरएल 73 और फिबरिसम।
मध्यम लक्षण (निमोनिया के लक्षण जैसे बुखार, खांसी पर सांस में कमी हाइपोक्सिया का नहीं होना)- एनटिम टार्ट 30, हेपर सल्फ 30, बैपटिसिया क्यू, गेलसेमियम क्यू, चायना क्यू, कफ ड्राप, आरएल 32, कारबो वेज 30, फीवर टॉनिक।
कोरोना के अन्य लक्षण में (खांसी, कमजोरी, चक्कर आना, भूख ना लगना, नाक से सुगंध और मुंह में स्वाद ना आना)- पल्साटिल्ला 30, रुमेक्स क्रिसपस 30, चायना क्यू, सूपर सेवन, गेलसेमियम 30, कफ ड्राप, आरएल-32, नेटरम मुर 30 दवा।
फेफड़े की मजबूती के लिए भी दवा
डॉ. कुमार ने कहा कि होम्योपैथी में लंग्स या फेफड़े की मजबूती के लिए भी दवा है। यहां तक की सांस लेने में दिक्कत हो या आॅक्सीजन की कमी हो तो इसमें भी होम्योपैथी दवा असरदार है। फेफड़े की मजबूती के लिए जस्टिसिया क्यू और सेनेगा क्यू की दस बूंद दिन में तीन बार लेनी चाहिए। वहीं सांस लेने में दिक्कत आ रही हो तो एसपीडोसपमरमा क्यू की 10 बूंद और कारबो वेज 30 के चार बूंद दिन में तीन से पांच बार लें। यह आॅक्सीजन लेनल गिरने नहीं देता है। साथ ही एलर्जी मिक्स दवाई दिन में तीन से पांच बार और वेनाडियम मेट 302 की दो बूंद दिन में तीन बार लें। डॉ. कुमार ने कहा कि इसके अलावा अगर बुखार कम न हो रहा हो, बदन दर्द हो रहा हो, सुगंध न लग रहा हो, स्वाद न मिल रहा हो, तो इसके लिए भी हम्योपैथी में दवा मौजूद है। डॉ. कुमार ने कहा कि हम बचाव से ही संक्रमण से दूर रह सकते हैं। अधिक से अधिक गर्म पानी का सेवन करें। दिन में दो बार भाप लें। अपने घर में भी एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें। किसी भी तरह की परेशानी पर मुझसे 9263049994 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

 

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version