रांची(आजाद सिपाही)। अब झारखंड में 6 मई सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। आला अधिकारियों के साथ बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस बार सख्ती बढ़ाते हुए बाजार में मूवमेंट की अवधि को रात 8 बजे से घटाकर दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है। साथ ही स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान छूट दी गई दुकानों को दोपहर 2 बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया है।
अगली समीक्षा बैठक 5 मई को होगी इसके बाद आगे क निर्णय लिया जाएगा।
राज्य में 22अप्रैल से स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह लागू है। इन 6 दिनों में संक्रमण की रफ्तार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आई है। झारखंड में हर घंटे औसतन 4 से ज्यादा कोरोना संक्रमित दम तोड़ रहे हैं। पिछल छह दिनों में 637 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। वही संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच गया है। इनमें 15, 446 मरीज केवल 6 दिनों में मिले हैं। फिलहाल राज्य में हर रोज औसतन 2500 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं।
तेजी से आॅक्सीजन बेड में हो रही बढ़ोतरी
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में जिस तरीके से संक्रमण बढ़ रहा है। आॅक्सीजन युक्त बेड •ाी उसी रफ्तार में बढ़ा रहे हैं। आज की चर्चा में आॅक्सीजन बेड बढ़ाने के साथ जिला स्तर पर 50 अतिरिक्त नॉन आॅक्सीजन बेड की उपलब्धता सुनिश्चित हो ये निर्णय लिया गया है। ताकि आॅक्सीजन लेवल बेहतर होने के बाद •ाी अगर कोई परेशानी हो रही है तो अस्पताल परिसर में ही उनका देख रेख किया जाएगा।
6 दिन में 9 हजार मरीज रांची में मिले
स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान राज्य के राजधानी की स्थिति और बदतर हुई है। राज्य के 60 फीसदी से ज्यादा मरीज केवल रांची से मिले हैं। पिछले 6 दिनों में यहां 9194 मरीज मिले हैं। जबकि इसी दौरान 264 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। वहीं 4757 लोग कोरोना को मात देने में सफल रहे हैं।
72 फीसदी मौत 5 जिले में
राज्य में हो रहे मौतों में 72 फीसदी मौत केवल 5 जिले में हुए है। ये जिले रांची, पूर्वी सिंह•ाूम, धनबाद, बोकारो और रामगढ़ है। मंगलवार रात तक राज्य में मौत का आंकड़ा 2246 तक पहुंच गया है। इनमें 1627 मौतें केवल इन 5 जिलों में हुई हैं। राज्य में मौत की दर लग•ाग राष्ट्रीय दर के करीब पहुंच गया है।
राज्य में सुस्त हुई वैक्सीनेशन की रफ्तार
एक तरफ जहां संक्रमितों की संख्या हर रोज एक नया रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं दूसरी ओर वैक्सीनेशन की रफ्तार सुस्त होते जा रही है। 15 दिन पहले जहां राज्य में हर रोज औसतन 90 हजार लोगों को टीका लगाया जा रहा था। वह अब घटकर औसतन 15 हजार से •ाी नीचे पहुंच गया है।