आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) की 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गयी है, जबकि 12वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। अब एक जून को स्थिति की समीक्षा के बाद 12वीं की परीक्षा आयोजित करने पर विचार होगा, जबकि 10वीं के बच्चों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोशन दिया जायेगा। ये दोनों परीक्षाएं चार मई से शुरू होनेवाली थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के बीच बुधवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया। यह फैसला देशभर में बेकाबू हो चुके कोरोना संक्रमण के मद्देनजर किया गया। बैठक में केंद्रीय शिक्षा सचिव भी मौजूद रहे। दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों और कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की थी। बैठक में लिये गये फैसले की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी।
बैठक में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि छात्रों की भलाई सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाये। साथ ही उनके शैक्षणिक हितों को नुकसान भी न पहुंचे। महामारी और स्कूल बंद होने की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, और छात्रों की सुरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द और स्थगित करने तथा अन्य फैसले लिये गये हैं। बकौल शिक्षा मंत्री, 12वीं की परीक्षा के बारे में बोर्ड द्वारा एक जून को स्थिति की समीक्षा की जायेगी और विवरण साझा किया जायेगा। परीक्षाओं की शुरूआत की सूचना कम से कम 15 दिन पहले दे दी जायेगी। 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम सीबीएसइ की ओर से तैयार की जाने वाली असेसमेंट पद्धति से किया जायेगा। अगर कोई विद्यार्थी मूल्यांकन के तहत मिले अंकों से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे परीक्षा में बैठने के लिए एक मौका दिया जायेगा। परीक्षा परिस्थितियां अनुकूल होने पर आयोजित की जायेंगी।
इस बार 30 लाख परीक्षार्थी शामिल होनेवाले थे
सीबीएसइ की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं चार मई से लेकर 14 जून तक आयोजित होनी थीं। इस बार 30 लाख से अधिक विद्यार्थी इन परीक्षाओं में शामिल होनेवाले थे। परीक्षाओं का आयोजन आॅफलाइन मोड में किया जाना प्रस्तावित था। इससे पहले जेइइ मेन परीक्षा की तिथियों में टकराव के कारण सीबीएसइ बोर्ड की डेटशीट में बदलाव किया गया था।
12वीं के बच्चों की दुविधा
केंद्र के इस फैसले का सबसे अधिक असर 12वीं के विद्यार्थियों पर पड़ेगा। उन्हें इस दुविधा का सामना करना पड़ रहा है कि नये सिरे से तारीखों की घोषणा कब होगी। सरकार को देश की महामारी की स्थिति की समीक्षा करने में अधिक समय लगेगा, लेकिन विदेशों में कॉलेजों में प्रवेश सीबीएसइ की कक्षा 12 के परीक्षा परिणामों पर निर्भर करेगा।
10वीं के बच्चों को कैसे मिलेंगे अंक
10वीं के परिणाम बोर्ड द्वारा विकसित किये जानेवाले एक उद्देश्य मानदंड के आधार पर तैयार किये जायेंगे। कोई भी उम्मीदवार, जो इस आधार पर उसे आवंटित अंकों से संतुष्ट नहीं है, उसे परीक्षा आयोजित करने के लिए अनुकूल परिस्थितियों में परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जायेगा। बोर्ड जल्द ही 10वीं के लिए अंकन योजना जारी करेगा। अब तक की जानकारी के अनुसार छात्रों को अंक आंतरिक मूल्यांकन या प्री-बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट के आधार पर तय किये जायेंगे।