आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अलग-अलग राजनीतिक दल के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक में कहा कि 25 दिनों में कोरोना को लेकर स्थिति सामान्य करना सरकार का लक्ष्य है। बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के स्तर पर कई कदम उठाये गये हैं। सीएम ने कहा कि झारखंड में पारा मिलिट्री फोर्स और सेना के संसाधनों का भी उपयोग किया जाये, इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र से जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर की 48 हजार फाइलें मांगी गयी थी, लेकिन केंद्र की ओर से मात्र आठ हजार फाइल ही उपलब्ध करायी गयी है।
शनिवार को हुई इस वर्चुअल बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने संकेत दिया कि झारखंड में फिलहाल लॉकडाउन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से मजदूर झारखंड आ रहे हैं। कई दूसरे रास्ते से भी अपने घर वापसी कर रहे हैं।
सीएम ने कहा कि हर जिले में कोरोना जांच हो रही है। हर जिले में 50 अतिरिक्त आॅक्सीजनयुक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में मेडिकल किट उपलब्ध करायी जा रही है। संक्रमित लोगों को बेहतर इलाज मिले, इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है। सीएम ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में जो महत्वपूर्ण सुझाव आये हैं, उस पर सरकार जरूर अमल करेगी।
सीएम हेमंत सोरेने ने कहा कि सरकार हर व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागपुरी भाषा के प्रो गिरधारी राम गौंझू की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें कई निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन कहीं भरती नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि हमें अपने संसाधनों को बेहतर करना चाहिए। कोरोना के पहले दौर में सरकारी अस्पतालों ने बेहतर काम किया था। इस सर्वदलीय बैठक को झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रामेश्वर उरांव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, आजसू के सुदेश महतो, राजद के अभय सिंह, एनसीपी के कमलेश सिंह, सीपीआइ के जनार्दन प्रसाद, सहित अन्य दलों के प्रदेश अध्यक्ष स्तर के नेताओं ने अपने-अपने सुझाव दिये। अधिकांश लोगों ने सख्त कदम उठाने की जरूरत बतायी। शिक्षा व्यवस्था ठीक हो, इस पर भी जोर दिया। साथ ही यह भी कहा कि दूसरे जिलों के मरीजों का बोझ रांची पर है, इसे रोकने के लिए जिला स्तर के अस्पतालों को संसाधन उपलब्ध कराया जाये।

सीएम का निर्देश: संक्रमितों को मेडिकल किट पहुंचायें, चिकित्साकर्मियों की नियुक्ति करें

 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमितों को मेडिकल किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसमें सभी आवश्यक दवाइयां, आॅक्सीमीटर एवं मास्क इत्यादि सभी उपयोगी सामान रहेंगे। सीएम शनिवार को अपने आवास पर राज्य के वरीय अधिकारियों के साथ कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पल्स आॅक्सीमीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव को अस्पतालों में चिकित्साकर्मियों की कमी को दूर करने के लिए राज्य के वैसे प्रशिक्षित युवक- युवतियों, जिन्होंने पैरा मेडिकल कोर्स किया हो, को संविदा के आधार पर नियुक्त करने को कहा। सीएम ने कहा कि जिलों में स्थापित डेडीकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर इत्यादि में मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने हेतु कार्य योजना बनाकर मानव बल की नियुक्ति करें। अस्पतालों में आॅक्सीजन युक्त बेड बढ़ाने की दिशा में हरसंभव प्रयासरत रहें। अस्पतालों में आइसीयू बिस्तर इत्यादि की व्यवस्था दुरुस्त रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि संक्रमितों के इलाज हेतु अस्पताल प्रबंधन बेहतर कार्य योजना बनाकर कार्य करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में आॅक्सीजन संयंत्र तथा एयर सिपरेशन यूनिट की व्यवस्था सुनिश्चित करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडमेसिविर की उपलब्धता का लगातार प्रयास करते रहें।

झारखंड में कोरोना का संकट लगातार गहराता जा रहा है। महामारी की दूसरी लहर ने जहां पूरी स्वास्थ्य मशीनरी को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं इसने राज्यपाल समेत कई बड़ी हस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस बीच राज्य सरकार स्थिति को संभालने में जुट गयी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को राज्य के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और स्वास्थ्य मशीनरी को चुस्त बनाने के निर्देश दिये। उधर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर काबू पाने के लिए सेना और अर्द्धसैनिक बलों की मदद देने की गुहार लगायी। बाद में सीएम ने सर्वदलीय बैठक कर विभिन्न दलों के सुझावों को सुना। सर्वदलीय बैठक में सीएम ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सख्त कदम उठाया जायेगा।

25 दिनों में स्थिति सामान्य करना लक्ष्य : हेमंत सोरेन

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। उन पर पूरी नजर रखी जाये और जिन क्षेत्रों में कोरोना के अधिक मामले आ रहे हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमित मरीजों को समस्या उत्पन्न न हो, इस निमित्त पूरी तैयारी रखें।
बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की अद्यतन स्थिति एवं इलाज की व्यवस्था से संबंधित तैयारियों से अवगत कराया। बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य सचिव केके सोन, आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल, नगर विकास सचिव विनय चौबे, एनआरएचएम के अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ल उपस्थित थे।

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