आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। राज्य में बेकाबू हो चुकी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पर ब्रेक लगाने के लिए झारखंड सरकार एक्शन में आ गयी है। मधुपुर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य सचिव केके सोन तथा अन्य शामिल हुए। बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त और अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े थे। बाद में मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ाने के लिए छह और आरटी-पीसीआर केंद्र शुरू किये जायेंगे। पाबंदियों के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में शुक्रवार को होनेवाली बैठक में अंतिम फैसला होगा। राज्य सरकार स्थिति को काबू में रखने का लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों में लिये जा रहे निर्णयों का अध्ययन किया जा रहा है।
जैक परीक्षा पर भी आज होगा फैसला
सीएम हेमंत ने कहा कि सीबीएसइ की परीक्षाएं रद्द और स्थगित किये जाने के बाद अब जैक बोर्ड की परीक्षाओं पर फैसला राज्य सरकार करेगी। इस बारे में कल की बैठक में विचार किया जायेगा।
प्रवासियों के कारण बढ़ रहा संक्रमण
सीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार झारखंड लौटे हैं। उनके कारण संक्रमण फैल रहा है। अब मुंबई और पुणे से भी ट्रेनें चलनी शुरू हो गयी हैं। बड़ी संख्या में संक्रमित लोग आ रहे हैं। उन सभी की समुचित जांच हो और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाये, इसके लिए ठोस रणनीति के तहत सरकार आवश्यक कदम उठायेगी।
सरकार ने तय किया एंबुलेंस का किराया
राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमितों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। निजी एंबुलेंस चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायत के बाद गुरुवार को सरकार ने किराया तय कर दिया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वेंटिलेटर रहित सामान्य एंबुलेस के लिए किराया अधिकतम 10 किलोमीटर तक के लिए पांच सौ रुपये और उसके बाद के प्रत्येक किलोमीटर के लिए 12 रुपये की दर तय की गयी है। वेंटिलेटर सहित एंबुलेंस के लिए 10 किलोमीटर के लिए छह सौ रुपये और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 14 रुपये होगा। दूरी की गणना एंबुलेंस के आने-जाने के आधार पर होगी। एबुलेंस के सेनिटाइजेशन के लिए दो सौ रुपये और चालक के पीपीइ किट के लिए पांच सौ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जायेगा। मरीज को आॅक्सीजन आपूर्ति के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह आदेश पूरे राज्य में लागू होगा।
केंद्र सरकार से नहीं मिल रही है समुचित मदद
सीएम हेमंत ने कहा कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से संसाधन उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन बार-बार के आग्रह के बावजूद झारखंड को समुचित मदद नहीं दी जा रही है। सीएम ने कहा कि देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण का खतरा नया नहीं है। साल भर से लोग इसका सामना कर रहे हैं। दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी नहीं बता सकते हैं कि इससे कब निजात मिलेगी। आज दुनिया में जो सबसे अधिक संपन्न देश हैं, वे भी परेशान हैं।
आइआइटी के प्रोफेसर समेत आठ लोग कोरोना संक्रमित
धनबाद। धनबाद के आइआइटी आइएसएम में एक अधिकारी, दो शिक्षक समेत आठ लोग कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने पूरे परिसर को सील कर दिया है। सभी विभागों के कार्यालय को अगले 18 तारीख तक बंद कर दिया गया है। परिसर में सिर्फ सफाई कर्मी, बिजली कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, और जलापूर्ति कर्मी को ही प्रवेश की अनुमति दी गयी है। कोरोना को लेकर प्रबंधन की तरफ से सख्त गाइडलाइन जारी की गयी है।
संस्थान के आवासीय परिसर में रहने वाले शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मी समेत सभी को बाहर से अंदर आने पर सात दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना होगा।
झारखंड में 14 दिन में गयी 180 जान
प्रशांत झा
रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे मरने वालों की संख्या में भी हर दिन इजाफा हो रहा है। संक्रमण की रफ्तार और घातकताकितनी तेज है, इसका अंदाजा सरकार द्वारा जारी आंकड़े ही बता रहे हैं। पिछले 15 दिन में संक्रमित मरीजों की संख्या 23 हजार से अधिक हुई है। इस दौरान 180 लोगों की मौत हुई है।
झारखंड में 31 मार्च को कुल मामले एक लाख 24 हजार 201 थे। दो सप्ताह यानी 14 अप्रैल तक कुल मामले एक लाख 47 हजार 792 हो गये। सात दिन में ग्रोथ रेट और डबलिंग रेट में भी इजाफा हुआ है। इसी तरह राज्य में हर दिन कोरोना से मौत की तादाद बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि पहली अप्रैल से मौत में लगातार इजाफा हो रहा है। पहले एक सप्ताह (एक से सात अप्रैल) के बीच 39 लोगों की मौत हुई थी। वहीं महीने के दूसरे सप्ताह (आठ से 14 अप्रैल) के बीच 141 लोगों की मौत हुई है।
राज्य में 31 मार्च तक एक्टिव मरीजों की संख्या 2824 थी। दो सप्ताह के भीतर (एक से 14 अप्रैल) यह संख्या बढ़कर 18 हजार 524 हो गयी है। यानी दो सप्ताह में 15 हजार 699 एक्टिव मरीज बढ़े हैं। इसी तरह 31 मार्च तक सात दिनों में ग्रोथ रेट 0.21 फीसदी और डबलिंग रेट 328.10 दिन था। वहीं 14 अप्रैल को सात दिनों में ग्रोथ रेट 1.54 फीसदी और डबलिंग रेट 45.33 दिन पर पहुंच गया है।
कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होने की बात लगातार की जा रही है। झारखंड में भी यह खतरनाक साबित हो रहा है। भुवनेश्वर के इंस्टीट्यूट आॅफ लाइफ साइंसेज से आयी लैब रिपोर्ट निश्चय ही राज्य के लिए चिंतनीय विषय है।
झारखंड से भेजे गये 52 सैंपल में से 13 में यूके स्ट्रेन और डबल वेरिएंट स्ट्रेन की पहचान हुई है। राज्य में अभी इस पर काबू पाने का कोई रास्ता नहीं दिखरहा है। फिलहाल मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सरकारी गाइडलाइन को पूरी तरह मानना ही एक रास्ता है। सूत्रों की मानें तो सरकार भी आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठा सकती है।
मुंबई से आयी ट्रेन, 1153 पहुंचे, 41 संक्रमित मिले
इस बीच मुंबई से गुरुवार को एक ट्रेन हटिया पहुंची। इससे 1153 यात्री उतरे। स्टेशन पर ही उनकी जांच की गयी। उनमें 41 संक्रमित मिले, लेकिन स्पष्ट निर्देश के अभाव में उन सभी को घर जाने दिया गया। इस ट्रेन से 17 सौ मुसाफिर रवाना हुए थे। कुछ यात्री रास्ते में उतर गये।
बिजली विभाग में 10 कर्मी संक्रमित
इधर बिजली विभाग के सात अधिकारी और तीन कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं। इनमें सहायक और कनीय अभियंता तथा अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने घरों में आइसोलेशन में हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम रांची सर्किल के महाप्रबंधक प्रभात श्रीवास्तव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधानी के साथ काम करने का निर्देश दिया है।
एएसआइ की मौत, 98 पुलिककर्मी संक्रमित
झारखंड पुलिस के 98 कर्मी कोरोना संक्रमित हो गये हैं। जानकारी के अनुसार सबसे अधिक स्पेशल ब्रांच रांची के 33 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए हैं। कांके थाना में पदस्थापित इश्तियाक अहमद की मौत हो गयी है। पिछले दिनों करायी गयी जांच में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। वह कांके जनरल हॉस्पिटल में भर्ती थे।
डीजीपी ने पुलिसकर्मियों को गाइडलाइन का पालन करने को कहा : पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने को डीजीपी नीरज सिन्हा ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी डीआइजी और एसएसपी-एसपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और संक्रमण से बचने हेतु दिये गये निर्देर्शो का अनुपालन कराने, पुलिस केंद्रों, थाना परिसर एवं बैरकों को सैनिटाइज कराने का निर्देश दिया।