पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड में गहराते बिजली संकट के जल्द निदान का आग्रह किया है।
पत्र में उन्होंने लिखा है कि झारखंड में प्रचंड गर्मी के बीच बिजली संकट गहराता चला जा रहा है। गांव और शहर में लगातार पावर कट से जनता परेशान है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बुजुर्गों और मरीजों का हाल बुरा हो गया है। हमारे समय में भी बिजली का संकट पैदा होता था, लेकिन पहले से की गयी तैयारी और योजना के कारण इनती अधिक लोड शेडिंग की अवश्यकता नहीं होती थी।
वर्तमान में झारखंड में 2300 से 2600 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है। इसमें डीवीसी के अंतर्गत छह जिलों में 600 मेगावाट बिजली की जरूरत शामिल है। इसकी तुलना में झारखंड को लगभग 1200 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसमें टीवीएनएल से 320 मेगावाट, आधुनिक से 180 मेगावाट, इंलैंड पावर से 60 मेगावाट तथा सेंट्रल पूल से 650 मेगा वाट बिजली मिल रही है, जो आवश्यकता से 600-700 मेगावाट कम है।
उन्होंने कहा कि इस बिजली संकट के लिए आपके सरकार की निष्क्रियता जिम्मेवार है। साथ ही आग्रह किया है कि अभी भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की रणनीति बनायें और जनता को इस बिजली संकट से निजात दिलायें।