झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की अदालत में देवघर त्रिकुट रोप-वे हादसे मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि इस मामले की जांच जारी है। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (सिंफर) और बीआईटी मेसरा की रिपोर्ट जल्द कोर्ट को सौंपने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की है। अदालत ने त्रिकुट रोप-वे हादसे से जुड़ी जांच रिपोर्ट कोर्ट में उपलब्ध कराने को कहा है। अदालत में सरकार की ओर से पक्ष रख रहे महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कोर्ट को बताया कि सरकार अपने स्तर से जांच करवा रही है। जल्द ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई की तिथि छह मई मुकर्रर की गई है।
उल्लेखनीय है कि देवघर के त्रिकुट पर्वत के रोप-वे पर हुए हादसा को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था। इसे जनहित याचिका में तब्दील कर अदालत सुनवाई की जा रही है। हाई कोर्ट ने विभिन्न चैनलों और अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर संज्ञान लिया है।
10 अप्रैल को हुआ था हादसा
10 अप्रैल को देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर-दुमका मुख्य मार्ग पर स्थित त्रिकुट पहाड़ पर बने रोप-वे में बड़ा हादसा हुआ था। त्रिकुट पर्वत के रोपवे का तार टूट गया था, जिससे कई यात्री ट्रॉली में ही फंस गये थे। इस हादसे से सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू में जुड़ी हुई थी। हादसे में 46 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था जबकि तीन लोगों की मौत हो गई थी।