आजाद सिपाही संवाददाता
गुमला। बांस के शिल्प कार्य को दिशा प्रदान करने हेतु जिले के आठ प्रखंड में बांस विकास शिल्प केंद्र का निर्माण कराया गया है। साथ ही कारीगरों की आवश्यकता के अनुसार और अन्य कारीगर स्थल पर भी बांस शिल्प विकास केंद्र का निर्माण कराया जायेगा, ताकि कारीगर बरसात, गर्मी और अन्य मौसम में भी आसानी से कार्य कर सकें एवं अपना कार्य, प्रशिक्षण, आय व उत्पादन, विपणन को बढ़ा सकें। उपायुक्त सुशांत गौरव के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा कारीगरों की पहचान कर उनका पंजीयन, कारीगर पहचान पत्र, आधार उद्यम, ई श्रम कार्ड, श्रमिक निबंधन कराते हुए उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार टूल किट वितरण भी किया जा रहा है। बांस कारीगरों के उत्थान व स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु गुमला प्रखंड के ग्राम डुमरला में प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला द्वारा 19 परिवार को आधुनिक समय के बैंबू टूलकिट का नि:शुल्क वितरण किया गया।
बांस कारीगरों के उत्थान व स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु गुमला प्रखंड के ग्राम डुमरला में प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला के द्वारा 19 परिवार को आधुनिक समय के बैंबू टूल किट का नि:शुल्क वितरण किया गया। जिला उद्यमी समन्वयक द्वारा जानकारी देते हुए कहा गया कि बांस कारीगरों के साथ साथ-साथ जिले के माटी शिल्पकारों को भी जिला प्रशासन द्वारा ध्यान में रखते हुए उनके बीच इलेक्ट्रिक चाक का वितरण आगामी दो महीनों के अंदर किया जायेगा।