रांची। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि सारंडा के जंगलों में खनन कर रखे गए लौह अयस्क एवं अन्य खनिजों के निष्पादन की क्या प्रक्रिया है. निर्दलीय विधायक सरयू राय ने इस संबंध में जनहित याचिका दाखिल की है. जिसपर झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्र की बेंच में सुनवाई हुई. सरयू राय की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने अदालत में पक्ष रखा. वहीँ केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव कोर्ट में उपस्थित रहे. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने पक्ष रखा.
याचिका में कहा गया है कि सारंडा के इलाके में 2020 के बाद से माइनिंग बंद है. लेकिन कई खनन कंपनियों के द्वारा माइनिंग कर लाखों टन खनिज निकाला गया है. जिससे प्रदूषण फैल रहा है. अदालत ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 21 जून को होगी.

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