रांची। धन-शोधन (मनी लॉन्डरिंग)) मामले के आरोपित जेल में बंद ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम, उनके भाई आलोक रंजन सहित पांच आरोपितों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बिरसा मुंडा जेल से इडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की कोर्ट में शनिवार को हुई। कोर्ट ने इनकी न्यायिक हिरासत अवधि चार मई तक के लिए बढ़ा दी है।
इडी ने टेंडर कमीशन घोटाले में 22 फरवरी, 2023 को वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था। इनके तीन सहयोगियों नीरज मित्तल, ताराचंद गुप्ता और राम प्रकाश भाटिया को भी इडी ने इस मामले में गिरफ्तार किया है।
उल्लेखनीय है कि इडी की टीम ने वीरेंद्र राम की 39.28 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। जब्त की गयी संपत्ति वीरेंद्र के जरिये टेंडर में कमीशन से उगाही कर अर्जित की गई है। 22 फरवरी, 2023 को वीरेंद्र राम के आवास पर छापेमारी के दौरान उसके रांची के अशोक नगर स्थित आवास से इडी ने वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था। वीरेंद्र राम के ठिकानों में छापेमारी के दौरान इडी को करीब 40 लाख से अधिक नकदी और डेढ़ करोड़ के आभूषण मिले थे। इडी ने उनके कई लग्जरी वाहन भी बरामद किये थे।