चतरा। लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन चैत्र शुक्ल षष्ठी की संध्या पहर में अस्ताचलगामी भगवान भास्कर की पूजा की गयी। व्रतियों ने विभिन्न नदियों और तालाबों में पहुंचकर भगवान सूर्य नारायण के अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया। व्रती महिला-पुरुषों ने स्नान-ध्यान कर पीला और लाल वस्त्र धारण कर पूरी पवित्रता के साथ हाथों में बांस की सूप एवं दौरा में ऋतुफल, ठेकुआ, ईख, नारियल, कलावा, पान पता सहित अन्य पूजन सामग्री रखकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्यदान को ले व्रतियों में खासा उत्साह दिखा।
जिला मुख्यालय स्थित छठ तालाब, हेरू डैम, इठखोरी के मां भद्रकाली मंदिर स्थित महाने नदी छठ घाट, पत्थलगडा के बरवाडीह, बकुलिया, पत्थलगडा, चौथा, नावाडीह टण्डवा के चुंदरू धाम स्थित सूर्य मंदिर छठ घाट पर सूर्यनारायण को अर्ध्य अर्पण करने को लेकर काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। महिला, पुरुष, बच्चे, युवा, बुजुर्ग सभी भक्ति भाव के साथ छठ घाट पर पहुंचे और पुरी नेम निष्ठा के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया। छठ महापर्व को लेकर चारों ओर भक्ति और उल्लास का माहौल दिखा। छठ को लेकर कई स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। लोगों ने श्रमदान कर छठ घाटों के साफ सफाई की और व्रतियों की सेवा में जुटे रहे। छठ को लेकर कई स्थानों पर सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई थी।